IND vs PAK : भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान पर खेले जाने वाला कोई भी मुकाबला किसी भी एक्शन फिल्म से कम नहीं होता। बात अगर क्रिकेट की हो तो दोनों देशों के बीच हुए मुकाबलों में इतना रोमांच, एक्शन और ड्रामा रहा है जो आपको आजकल की बॉलीवुड फिल्मों में भी ना देखने को मिले। इंडिया वर्सेज पाकिस्तान, खेल की दुनिया में सबसे बड़ी राइवलरी और ये मुकाबला एक बार फिर 15 फरवरी को होने वाली है। बॉयकॉट ड्रामे के बाद पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच ना खेलने के फैसले पर यूटर्न ले लिया है। पाकिस्तान अब भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में मैच खेलेगा।
वहीं मैदान पर जब भी ये दोनों टीमें भिड़ती हैं तो नजारा अलग ही होता है। और अगर ICC टूर्नामेंट की बात करे तो दोनों देशों के बीच मुकाबला सिर्फ गेंद और बल्ले के बीच में ही नहीं चल रहा होता बल्कि ये मुकाबला करोड़ों फैंस और उनके अनगिनत जज्बातों की बीच भी जारी रहता है। टी20 वर्ल्ड में अब भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में आपको बताते हैं एक ऐसे मैच की कहानी जहां भारतीय टीम ने पाकिस्तान की बेइमानी से वॉकआउट कर दिया था।
जब भारतीय टीम ने किया था वॉकआउट
नवंबर 1978 में भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान दौरे पर गई थी। दो मैचों के बाद सीरीज 1-1 से बराबर थी। तीसरे मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 205 रन बनाए। जवाब में भारत ने 37 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 183 रन बना लिए थे। मैच भारत की पकड़ में आता दिख रहा था। इसी दौरान हालात बदले। उस समय तटस्थ अंपायर रखने का नियम नहीं था। भारतीय पक्ष का आरोप है कि अंपायरों ने पाकिस्तान का साथ दिया। उन दिनों एक ओवर में बाउंसर की कोई तय सीमा नहीं थी और वाइड गेंद को लेकर भी नियम ढीले थे।
पाकिस्तान को ऐसे किया था बेनकाब
38वें ओवर में पाकिस्तान के कप्तान ने सरफराज नवाज को गेंद दी। उन्होंने उस ओवर में अंशुमान गायकवाड़ को लगातार चार बाउंसर फेंकीं, लेकिन अंपायर ने एक भी गेंद को वाइड नहीं दिया।
इसे देखकर भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी नाराज हो गए। उन्होंने मैदान पर जाकर बल्लेबाजों को वापस ड्रेसिंग रूम बुला लिया। यह पहला मौका था, जब वनडे इंटरनेशनल मैच में किसी कप्तान ने टीम को वॉकआउट करने के लिए कहा था। अंपायरों ने पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया और वह 2-1 से सीरीज जीत गया। लेकिन बेदी के इस फैसले ने इसे इंटरनेशनल चर्चा का मुद्दा बना दिया। इस तरह पाकिस्तान को वॉकओवर मिल गया। भारत ने मैच और सीरीज भले गंवाई, लेकिन अपने सम्मान के लिए कदम उठाया। यह पहली बार नहीं था जब पाकिस्तान पर इस तरह के आरोप लगे।