IPL 2026 Playoffs Scenarios: आईपीएल 2026 का सफर अब धीरे-धीरे अपने प्लेऑफ की ओर बढ़ रहा है। आईपीएल 2026 में ज्यादातर टीमें 12 मुकाबले खेल चुकी हैं। वहीं अब प्लेऑफ की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। अब टॉप-4 में जगह बनाने के लिए कई टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि दो टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। अब प्लेऑफ का मुकाबला बची हुई 8 टीमों के बीच है। इन 8 टीमों के बीच टूर्नामेंट में प्लेऑफ की रेस और ज्यादा रोमांचक हो गई है।
प्लेऑफ में रेस में बनी हैं ये टीमें
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (16 अंक): RCB के पास अभी दो मैच बाकी हैं और टीम की स्थिति काफी मजबूत है। अगर बेंगलुरु दोनों मैच जीत लेती है, तो टॉप-2 में जगह लगभग पक्की हो जाएगी। एक मैच हारने पर भी टीम का अच्छा नेट रन रेट (+1.053) उसे फायदा दे सकता है।
गुजरात टाइटंस (16 अंक): गुजरात के लिए भी प्लेऑफ का समीकरण आसान है। अगर टीम अपने दोनों बाकी मैच जीतती है, तो टॉप-2 में बनी रहेगी। लेकिन लगातार पांच जीत के बाद अगर टीम दोनों मैच हार जाती है, तो मुश्किल बढ़ सकती है।
सनराइजर्स हैदराबाद (14 अंक): SRH को प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए अपने दोनों मैच जीतने होंगे। टॉप-2 में पहुंचने के लिए उन्हें RCB या GT में से किसी एक टीम की हार की भी जरूरत होगी।
पंजाब किंग्स (13 अंक): पंजाब किंग्स के अभी दो मुकाबले बाकी हैं। प्लेऑफ में बिना किसी परेशानी के पहुंचने के लिए पंजाब को अपने दोनों मैच जीतकर 17 अंक तक पहुंचना होगा। अगर टीम एक मैच जीते और एक हारे, तो उसके 15 अंक होंगे। ऐसी स्थिति में पंजाब को दूसरी टीमों, खासकर चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की हार पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।
चेन्नई सुपर किंग्स (12 अंक): चेन्नई सुपर किंग्स को 15 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मिली हार से बड़ा नुकसान हुआ है और टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद काफी कम हो गई है। अब CSK ज्यादा से ज्यादा 16 अंक तक ही पहुंच सकती है। CSK को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने बाकी दोनों मुकाबले जीतने होंगे। इसके साथ ही टीम को अपना नेट रन रेट (+0.027) भी बेहतर करना होगा
राजस्थान रॉयल्स (12 अंक): राजस्थान रॉयल्स इस समय प्लेऑफ की रेस में मजबूत दावेदार मानी जा रही है, क्योंकि टीम के पास बाकी टॉप टीमों के मुकाबले एक मैच ज्यादा बचा है। टीम अगर अपने तीनों मैच जीत लेती है, तो 18 अंकों के साथ आसानी से प्लेऑफ में पहुंच सकती है और टॉप-2 में भी जगह बना सकती है। लेकिन अगर राजस्थान सिर्फ दो मैच जीतती है, तो उसे नेट रन रेट के भरोसे रहना पड़ सकता है।
दिल्ली कैपिटल्स (10 अंक): दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद अब लगभग खत्म मानी जा रही है। टीम ज्यादा से ज्यादा 14 अंक तक ही पहुंच सकती है और उसका नेट रन रेट (-0.993) भी काफी खराब है। दिल्ली को अब अपने दोनों बाकी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। इसके साथ ही उसे यह भी उम्मीद करनी होगी कि सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स अपने बाकी मुकाबले हार जाएं।
कोलकाता नाइट राइडर्स (9 अंक): KKR को प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखने के लिए अपने सभी बाकी मैच जीतने होंगे। इसके अलावा कोलकाता को ये भी उम्मीद करनी होगी कि पंजाब किंग्स अपने बाकी मैच हार जाए और राजस्थान रॉयल्स व चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन भी खराब रहे, तभी टीम चौथे स्थान तक पहुंच सकती है।
प्लेऑफ की रेस से बाहर हैं ये टीमें
मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स दोनों के पास इस समय 8-8 अंक हैं और उनके सिर्फ दो मैच बाकी बचे हैं। दोनों टीमें ज्यादा से ज्यादा 12 अंक तक ही पहुंच सकती हैं, जो टॉप-4 टीमों के मौजूदा अंकों से कम हैं। ऐसे में मुंबई और लखनऊ आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब ये टीमें सिर्फ सम्मान के लिए खेलेंगी और दूसरी टीमों का खेल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती हैं।