इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है। टूर्नामेंट शुरू होने से तीन दिन पहले मुंबई में टीमों के कप्तानों की एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस मीटिंग में मैच के समय और गेंद बदलने जैसे नियमों पर बात होगी, लेकिन खास तौर पर दो बाउंसर नियम, बैट की जांच, गेंद बदलने के तरीके, लार के इस्तेमाल और रिटायर्ड-आउट जैसे नियमों को लेकर साफ जानकारी दी जाएगी। ये मीटिंग आज शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक रखी गई है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ आईपीएल कप्तानों की बैठक होना आम बात है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को टीमों को बीसीसीआई की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि बीसीसीआई के मैच रेफरी और अंपायर पैनल के प्रमुख जवागल श्रीनाथ और नितिन मेनन कप्तानों से बातचीत करेंगे।
10 ओवर बाद बदल सकते हैं गेंद
नियमों के मुताबिक, अगर मैच के दौरान बॉल खो जाती है, वापस नहीं मिलती या ज्यादा घिस जाने के कारण खेलने लायक नहीं रहती, तो अंपायर उसे उसी तरह की घिसी हुई दूसरी गेंद से बदल देंगे। इस बदलाव की जानकारी बल्लेबाज और फील्डिंग टीम के कप्तान दोनों को दी जाएगी। वहीं शाम के मैचों में दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को 10 ओवर पूरे होने के बाद एक बार गेंद बदलने की मांग करने की अनुमति होगी, लेकिन यह मांग केवल ओवर खत्म होने पर ही की जा सकती है।
ये नियम दूसरी पारी में सिर्फ एक बार लागू होगा, चाहे ओस हो या नहीं। अंपायर गेंद को उसी स्तर की घिसी हुई दूसरी गेंद से बदलेंगे। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर अंपायर मैच के किसी भी समय अपनी समझ से गेंद बदलने का फैसला भी ले सकते हैं।
अंपायर गेंद बदलने से कर सकते हैं मना
अगर अंपायर 10वें ओवर से पहले गेंद को गीली, खराब या खो जाने के कारण बदल देते हैं, तब भी फील्डिंग टीम के कप्तान को 10 ओवर पूरे होने के बाद एक बार गेंद बदलने की मांग करने का हक रहेगा। ऐसी स्थिति में अंपायर को उस रिक्वेस्ट को स्वीकार करना होगा। अगर कप्तान 11वें ओवर के बाद गेंद के गीला होने पर उसे बदलने की मांग करता है और अंपायर उसे मान लेते हैं, तो कुछ ओवर बाद वह दोबारा गेंद बदलने की मांग कर सकता है। हालांकि दूसरी बार गेंद बदलना अंपायरों के फैसले पर निर्भर करेगा कि वे इसकी अनुमति देते हैं या नहीं।