CSK vs LSG: ऋषभ पंत की अगुवाई वाली लखनऊ सुपर जायंट्स मुश्किल में फंस सकती है। रविवार को चेन्नई के खिलाफ मैच के दौरान टीम की जर्सी पहने एक व्यक्ति बाउंड्री के पास डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर ये तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। वहीं इस घटना के बाद आईपीएल टीमों द्वारा बीसीसीआई के नियमों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं। आईपीएल 2026 में बीसीसीआई के एंटी-करप्शन नियमों के मुताबिक डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करना मना है।
बता दें वायरल हो रही तस्वीर को लेकर अभी लखनऊ की ओर से कोई बयान नहीं आया है। रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले में चेन्नई ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया।
चेन्नई और लखनऊ के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत में जब जोश इंग्लिस क्रीज पर मौजूद थे, तभी कैमरा लखनऊ सुपर जायंट्स के डगआउट की तरफ गया। मैच के दौरान मिशेल मार्श के चौका लगाने के रिप्ले के दौरान कैमरे में कैद हुआ। इस दौरान एक व्यक्ति मोबाइल फोन इस्तेमाल करता नजर आया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे लेकर कई सवाल उठाने शुरू कर दिए। वहीं अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि वह जगह डगआउट, ड्रेसिंग रूम या कोई वीआईपी एरिया था। साथ ही फोन इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी जिम्मेदारी को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अगर लखनऊ के डगआउट में फोन का इस्तेमाल हुआ था, तो लखनऊ सुपर जायंट्स को बीसीसीआई की जांच का सामना करना पड़ सकता है। अगर फोन इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति डगआउट का हिस्सा नहीं था, तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।
इससे पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में फोन चलाना नियमों के खिलाफ माना जाता है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते नजर आए थे, जिसके बाद इस मामले को लेकर काफी विवाद और चर्चा हुई थी। राजस्थान रॉयल्स से जुड़े मामले के बाद बीसीसीआई ने रोमी भिंडर पर सख्त कार्रवाई की थी। पीएमओए प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।