पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी पर उनकी पीएसएल टीम लाहौर कलंदर्स ने करीब 10 लाख पाकिस्तानी रुपये (लगभग 3600 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया है। लाहौर कलंदर्स के कप्तान पर टीम होटल में तय सुरक्षा नियमों का पालन न करने का आरोप साबित हुआ। बताया गया है कि उन्होंने टीम के होटल में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए चार लोगों को अपने कमरे में ले जाने की कोशिश की थी। फ्रेंचाइजी ने साफ किया कि ये कार्रवाई अनुशासन बनाए रखने और खिलाड़ियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए की गई है।
शाहीन अफरीदी और उनके टीम साथी सिकंदर रजा पर सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहीन अफरीदी और सिकंदर रजा ने पीएसएल के सीईओ सलमान नासिर से होटल में चार लोगों को आने देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं दी गई। इसके बावजूद वे उन लोगों को अपने कमरे में ले गए। ये लोग सिकंदर रजा के जानने वाले थे।
लाहौर कलंदर्स ने अपने बयान में कहा, “अनुशासन बनाए रखने और जिम्मेदारी तय करने के लिए फ्रेंचाइजी ने अपनी तरफ से कदम उठाते हुए शाहीन शाह अफ़रीदी पर उनकी भूमिका के लिए 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को विस्तृत जवाब भी भेजा गया है।”
सुरक्षा कर्मियों की सराहना की
बयान में आगे कहा गया, “फ्रेंचाइजी ने सुरक्षा कर्मियों की सराहना की और खिलाड़ियों, अधिकारियों व दर्शकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका को स्वीकार किया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह घटना जानबूझकर नियम तोड़ने के बजाय एक गलतफहमी के कारण हुई थी और टीम सभी सुरक्षा नियमों का पूरा सम्मान करती है।”
खास बात यह रही कि सिकंदर रजा ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी खुद ली और साफ कहा कि शाहीन अफरीदी ने किसी पर भी जबरदस्ती नहीं की। रजा ने कहा, “शाहीन ने किसी पर जबरदस्ती नहीं की। मेरे दोस्त और परिवार वाले आए थे और मेरे कहने पर शाहीन ने उनकी मदद की ताकि वे मेरे कमरे तक पहुंच सकें। अगर यह नियमों के खिलाफ था, तो मुझे इसकी जानकारी नहीं थी और शायद शाहीन को भी नहीं पता था। इस मामले में गलती मेरी है, शाहीन की नहीं। वह सिर्फ मेरे कहने पर नीचे गया था, क्योंकि वहां मेरे करीबी लोग थे और मैं उनसे बिजनेस सेंटर में नहीं मिलना चाहता था। हम करीब 40 मिनट तक कमरे में साथ बैठे रहे।”