'2 साल का बैन काफी नहीं', IPL से नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों को BCCI दे सख्त सजा, गावस्कर ने की ये मांग

विदेशी खिलाड़ियों के आखिरी समय पर हटने के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए सुनील गावस्कर ने बेन डकेट के मामले में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सिर्फ दो साल के बैन से भी सख्त सजा पर विचार करना चाहिए

अपडेटेड Mar 29, 2026 पर 4:15 PM
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इस पर सुनील गावस्कर ने अपना रिएक्शन दिया है।

सुनील गावस्कर ने बेन डकेट के आईपीएल 2026 से आखिरी समय पर हटने के फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गलत बताया। दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले ऑक्शन में डकेट को 2 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। बता दें कि बेन डकेट ने पर्सनल रीजन की वजह से लीग से हटने का फैसला किया। इस पर सुनील गावस्कर ने अपना रिएक्शन दिया है। जानें सुनील गावस्कर ने क्या कहा

विदेशी खिलाड़ियों के आखिरी समय पर हटने के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए सुनील गावस्कर ने बेन डकेट के मामले में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सिर्फ दो साल के बैन से भी सख्त सजा पर विचार करना चाहिए।

गावस्कर ने क्या कहा


इंडिया टुडे से बातचीत में सुनील गावस्कर ने कहा, "यह मामला थोड़ा जटिल है। बेन डकेट ने एशेज सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था और अगर उन्हें द हंड्रेड के ऑक्शन में उतनी बड़ी रकम में नहीं खरीदा जाता, तो शायद हालात अलग होते। लेकिन जब किसी खिलाड़ी को वहां इतनी बड़ी कीमत मिलती है, तो वह उस मौके को नहीं छोड़ना चाहता और फिर अपने इंग्लैंड के टेस्ट करियर पर ध्यान देने की बात करता है।"

बीसीसीआई को सख्त एक्शन लेना होगा

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन हां, इस मामले में क्या किया जाना चाहिए, इस पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को गंभीरता से सोचने की जरूरत है, क्योंकि दो साल का बैन पूरी तरह असरदार साबित नहीं हो रहा है। कुछ ऐसा कदम उठाना होगा जिसका खिलाड़ियों पर सही असर पड़े। जब तक इसका असर खिलाड़ी और उसके इंडियन प्रीमियर लीग में वापसी के मौके पर नहीं दिखेगा, तब तक यह नियम प्रभावी नहीं होगा।"

हालांकि, जब सुनील गावस्कर से पूछा गया कि इस मामले में कैसी सजा होनी चाहिए, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। गावस्कर ने कहा, "मुझे नहीं पता, क्योंकि मैं गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा नहीं हूं और मैंने इस पर ज्यादा सोचा भी नहीं है। लेकिन जैसे स्लो ओवर रेट पर पेनल्टी के तौर पर फील्डिंग में बदलाव किया जाता है, जहां एक फील्डर को 30 मीटर सर्कल के बाहर रखने के बजाय अंदर रखना पड़ता है, वैसे ही कोई ऐसी सजा होनी चाहिए जिसका मैच पर सीधा असर पड़े।"

पेनल्टी लगनी चाहिए

उन्होंने आगे कहा, "यह एक बहुत असरदार पेनल्टी होती है। गेंदबाज और फील्डर तेजी से खेल आगे बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि आखिरी ओवरों में सभी पांच फील्डर 30 मीटर सर्कल के बाहर रह सकें। इसलिए, मेरा मानना है कि ऐसी सज़ा होनी चाहिए जिसका सही असर दिखे और जो हर खिलाड़ी पर लागू हो। मुझे नहीं पता यह कैसे तय होगा, लेकिन इतना साफ है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इस पर बैठकर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"

बेन डकेट ने क्यों लिया ये फैसला

बेन डकेट ने बताया कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह घर पर समय बिताना चाहते थे और लाल गेंद (टेस्ट) क्रिकेट पर ध्यान देना चाहते थे। उन्होंने माना कि एशेज में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। वहीं नए नियमों के तहत अब उन पर इंडियन प्रीमियर लीग और ऑक्शन में हिस्सा लेने से दो साल का प्रतिबंध लग सकता है।

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