IND vs WI: टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली। इस मैच में ओपनर संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। ये मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया था। वहीं इस मैच के बाद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बताया कि मुकाबले का असली टर्निंग पॉइंट सिर्फ सैमसन की पारी नहीं, बल्कि मैच के दौरान आया एक अहम पल था जिसने खेल का रुख बदल दिया।
जसप्रीत बुमराह ने कहा कि मैच का असली टर्निंग पॉइंट तब आया, जब शिवम दुबे ने शमर जोसेफ के दूसरे आखिरी ओवर में लगातार दो शानदार चौके लगाए। बुमराह के मुताबिक उस समय टीम को तेजी से रन चाहिए थे और दुबे की इन बाउंड्री ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
आईसीसी से बातचीत में जसप्रीत बुमराह ने कहा, "आप जानते हैं, शिवम दुबे ने जो दो चौके लगाए, वह रिकॉर्ड और आंकड़ों में तो दर्ज हैं, लेकिन शायद लोग उनकी ज्यादा चर्चा नहीं करेंगे। मगर जो लोग क्रिकेट को अच्छी तरह समझते हैं, वे जानते हैं कि उन दो चौकों ने हम पर से काफी दबाव हटा दिया था, क्योंकि कई बार आखिरी ओवर में 8-9 रन बनाना भी मुश्किल हो जाता है।"
इस मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने अपने चार ओवर के स्पेल में 36 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। बुमराह ने एक ही ओवर में शिमरॉन हेटमायर और रोस्टन चेस को आउट किया, जिससे वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। बुमराह ने कहा, "विकेट बल्लेबाजी के लिए ठीक था, इसलिए हम अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना चाहते थे। हम सिर्फ तेज गेंदबाजी पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे, क्योंकि वह बल्लेबाजों के लिए आसान हो सकता था। मैंने बैक ऑफ लेंथ पर गेंद डाली और अपनी गति में बदलाव किया, ताकि रन बनाना मुश्किल हो सके। आज का दिन अच्छा रहा और मुझे कुछ अहम विकेट भी मिले।"
शिवम दुबे की पारी की तारीफ की
हार्दिक पांड्या के आउट होने के बाद शिवम दुबे आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी करने आए, उस समय भारत को जीत के लिए 10 गेंदों में 17 रन चाहिए थे। मुश्किल स्थिति में आते ही दुबे ने बिना घबराए आक्रामक खेल दिखाया और अपनी पहली ही गेंद पर चौका जड़कर दबाव कम कर दिया। इसके बाद 19वें ओवर की दूसरी आखिरी गेंद पर उन्होंने एक और शानदार बाउंड्री लगाई, जिससे टीम के लिए लक्ष्य आसान हो गया। उनकी इन तेज रन बनाने वाली पारियों की बदौलत आखिरी ओवर में भारत को सिर्फ सात रन चाहिए थे, जिसे संजू सैमसन ने चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।