Ravi Shastri: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई इंग्लैड की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इंग्लैड की टीम एक बार फिर एशेज सीरीज हार गई है। 5 मैचों की सीरीज में इंग्लैड 3-0 से पीछे हैं। वहीं इंग्लैंड टीम के खराब प्रदर्शन के बाद मौजूदा हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। महज 11 दिनों में बेन स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने एशेज गंवा दी, जिससे मैकुलम की रणनीति और उनकी चर्चित “बैजबॉल” सोच पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्पिन मोंटी पनेसर ने बड़ा बयान दिया है। मोंटी पनेसर ने मैकुलम की जगह रवि शास्त्री को मुख्य कोच बनाने का सुझाव दिया है।
रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसके ही मैदान पर दो बार हराया, पहली बार 2018–19 में और फिर 2020–21 में।
पत्रकार रवि बिष्ट के यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में मोंटी पनेसर ने कहा कि रवि शास्त्री इंग्लैंड के कोच बनने के लिए सबसे सही ऑप्शन होंगे। पनेसर के मुताबिक शास्त्री, अच्छी तरह जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में कैसे हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, “आपको सोचना होगा, ऑस्ट्रेलिया को हराना असल में कौन जानता है? आप ऑस्ट्रेलिया की मानसिक, शारीरिक और टैक्टिक रूप से कमजोरियों का फायदा कैसे उठाते हैं? मुझे लगता है कि रवि शास्त्री को इंग्लैंड का अगला हेड कोच बनना चाहिए।”
ब्रेंडन मैकुलम ने क्या कहा
ब्रेंडन मैकुलम ने मेलबर्न में कहा, "मुझे नहीं पता। यह असल में मुझ पर डिपेंड नहीं है, है ना? मैं बस काम करने की कोशिश करता रहूंगा, उन सबक को सीखने की कोशिश करूंगा जो मुझे यहां ठीक से नहीं मिले हैं और एडजस्टमेंट करूंगा। ये सवाल किसी और के लिए हैं, मेरे लिए नहीं।" मैकुलम ने इस पोजीशन को "काफी अच्छा काम" बताया और कहा कि कड़ी बुराई के बावजूद वह अभी भी मोटिवेटेड हैं। मैकुलम ने कहा, "ये काफी अच्छा और बहुत मजेदार काम है। आप लड़कों के साथ दुनिया घूमते हैं और कुछ एक्साइटिंग क्रिकेट खेलने की कोशिश करते हैं और कुछ चीजें अचीव करने की कोशिश करते हैं। मेरे लिए, यह लोगों से बेस्ट निकलवाने और उनके साथ वह अचीव करने की बात है जो आप कर सकते हैं।"
2022 में एशेज सीरीज में 0-4 से हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट ने ब्रेंडन मैकुलम को कोच बनाया था। इसके बाद कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर मैकुलम ने टीम की सोच और खेलने के अंदाज में बदलाव किया। नतीजा ये रहा कि इंग्लैंड ने अपने अगले 11 टेस्ट मैचों में से 10 में जीत हासिल की और टेस्ट क्रिकेट में टीम को नई एनर्जी और कॉन्फिडेंस मिला। लेकिन इसके बाद इंग्लैंड की टीम का प्रदर्शन ठहर सा गया। अपने अगले 33 टेस्ट मैचों में टीम को 16 में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी लय साफ तौर पर बिगड़ी दिखी। इतना ही नहीं, इंग्लैंड अब तक ऑस्ट्रेलिया या भारत के खिलाफ हुए पांच मैचों की किसी भी टेस्ट सीरीज को जीत नहीं पाई, जिससे उनकी तैयारी और रणनीति पर सवाल खड़े होने लगे हैं।