बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान अब इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें आईपीएल 2026 से पहले रिलीज कर दिया है। वहीं मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल 2025 से रिलीज होने पर रिंकू सिंह के कोच मसूद उज जफर अमिनी ने अपना रिएक्शन दिया है। भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के कोच मसूद उज जफर अमिनी ने कहा कि BCCI द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 2026 आईपीएल सीजन से रिलीज करने का जो फैसला लिया है, उसको सभी को स्वीकार करना चाहिए।
मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिसंबर 2025 के आईपीएल के ऑक्शन में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे पहले वे सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके हैं। साल 2016 के बाद से उन्होंने आईपीएल में 60 मैचों में 65 विकेट अपने नाम किए हैं।
IANS से बातचीत करते हुए मसूद उज जफर अमिनी ने कहा,“अगर BCCI ने प्लेयर बदलने की परमिशन दी है, तो ऐसा किया जा सकता है। लेकिन मुस्तफिजुर रहमान पहले एक क्रिकेटर हैं, हिंदू या मुस्लिम बाद में आता है। आईपीएल की कई टीमों ने उनके लिए बोली लगाई थी, जिसमें केकेआर भी शामिल थी और अंत में उन्हें चुन लिया गया। मैं कहना चाहूंगा कि वह पहले एक प्लेयर हैं और कोई भी धर्म बाद में आता है। इसलिए BCCI का जो भी फैसला होगा, उसे सभी को मानना चाहिए।"
प्लेयर्स के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए
अमिनी ने आगे कहा, "प्लेयर्स के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि खेल और पॉलिटिक्स दो अलग-अलग बातें हैं। हर धर्म के लोग रहते हैं और ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन इसे खेल से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश का फैसला है और चूंकि BCCI ने इस मामले में निर्णय ले लिया है, इसलिए सभी को उसे स्वीकार करना होगा। हालांकि, ये देश का फैसला है और चूंकि BCCI ने फैसला ले लिया है, इसलिए हमें इसे मानना होगा।”
केकेआर ने रहमान को किया रिलीज
ये फैसला BCCI के निर्देशों के बाद लिया गया है। BCCI के निर्देशों के मुताबिक, कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को अपनी 2026 आईपीएल टीम से रिलीज कर दिया। अबू धाबी में हुए ऑक्शन में मुस्तफिजुर रहमान को चुने जाने पर कुछ धार्मिक और राजनीतिक लोगों ने केकेआर और टीम के मालिक शाहरुख खान की आलोचना की थी। ये आलोचना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों से जुड़ी खबरों के बीच की गई थी, जिसके बाद पूरा मामला चर्चा में आ गया।