Sunil Gavaskar: टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ड्रामे पर भड़के सुनील गावस्कर, ICC से की एक्शन की मांग

पाकिस्तानी सरकार ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया है। वहीं पाकिस्तान के इस फैसले पर भारत के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने, पाकिस्तान की जमकर आलोचना की है और ICC से एक्शन की भी मांग की है

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 11:39 PM
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हालांकि ICC ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है

पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ होने वाले मैच को बॉयकॉट करने का नया ड्रामा किया है। पाकिस्तानी सरकार ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया है। वहीं पाकिस्तान के इस फैसले पर भारत के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने, पाकिस्तान की जमकर आलोचना की है और ICC से एक्शन की भी मांग की है। भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप विवाद पर अपनी राय रखते हुए साफ कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पाकिस्तान सरकार ने सलमान अली आगा की कप्तानी वाली टीम को टी20 वर्ल्ड कप में खेलने की मंजूरी दे दी है, जो 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू होगा। हालांकि यह मंजूरी एक शर्त के साथ दी गई है, जिसके तहत पाकिस्तान 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाला ग्रुप-A मैच नहीं खेलेगा।

ICC से की एक्शन की मांग


इंडिया टुडे से बातचीत में सुनील गावस्कर ने पूरे मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि "यह पूरी तरह पाकिस्तान का अपना फैसला है और इसमें भारत की कोई भूमिका नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, भारत का इस फैसले से कोई लेना-देना नहीं था और पाकिस्तान जो भी फैसला लेता, उसके नतीजों पर उसी हिसाब से बात की जाती।" सुनील गावस्कर के मुताबिक पाकिस्तान ने खुद यह रास्ता चुना है और अब उसे इसके नतीजे भी झेलने होंगे। उन्होंने कहा कि “जहां तक ​​मुझे पता है, इस पूरे मामले का बांग्लादेश से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेकिन अगर कोई टीम टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले आखिरी समय पर हटती है, तो ऐसे में ICC को उस टीम के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार करना चाहिए।"

अभी तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

हालांकि ICC ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सुनील गावस्कर का मानना है कि अब सिर्फ चुप रहना काफी नहीं है। उनके मुताबिक चिंता केवल इस टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहले से बने हालात से जुड़ी हुई है। गावस्कर ने कहा कि "सज़ा देने के कई तरीके हो सकते हैं और अगर इस मामले में सही फैसला लिया जाता है, तो इससे यह तय होगा कि भविष्य में कोई दूसरी टीम ऐसा कदम उठाने की हिम्मत नहीं करेगी।"

दूसरे शब्दों में कहें तो अगर इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया, तो जब भी राजनीति और क्रिकेट आमने-सामने आएंगे, तब बार-बार मैचों के बहिष्कार का रास्ता खुला रह जाएगा।

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