क्रिकेट के रोमांचक टूर्नामेंट टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो गई। फैंस बेसब्री से इस टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे थे। वहीं न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया। इस मैच से पहले पुलिस का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया है। चेन्नई पुलिस ने सुरक्षा कारणों से एक अहम फैसला लिया है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस ने रविवार को अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच चेपॉक स्टेडियम में होने वाले मैच के दौरान दर्शकों के सीटी लेकर आने पर रोक लगा दी है, ताकि मैच के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की परेशानी न हो।
रिपोर्ट्स के अनुसार, चेन्नई पुलिस ने रविवार को न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में दर्शकों के सीटी बजाने पर रोक लगा दी है। इस फैसले ने खास ध्यान खींचा है, क्योंकि चेन्नई में क्रिकेट मैचों के दौरान सीटी बजाना वहां के फैंस की एक आम और लोकप्रिय परंपरा मानी जाती है।
चेपॉक स्टेडियम में सीटी बजाने पर रोक लगाने के फैसले से कई क्रिकेट फैंस हैरान हैं, क्योंकि यहां मैच के दौरान सीटी बजाना क्रिकेट संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग के समय तो माहौल और भी अलग होता है। खासकर चेन्नई सुपर किंग्स के मैचों में “व्हिसल पोडू” का नारा खूब गूंजता है, जो अभिनेता विजय के 2024 के लोकप्रिय गाने व्हिसल पोडू से लिया गया है। ऐसे में सीटी पर बैन लगने से फैंस को यह फैसला थोड़ा अजीब और अचानक लग रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “अगर आईपीएल के दौरान भी सीटी पर बैन लगाया गया, तो डीएमके को सीएसके और थाला धोनी के फैंस के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।”
बता दें ये फैसला अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) को चुनाव आयोग ने तमिलनाडु चुनाव के लिए आधिकारिक चुनाव चिन्ह के रूप में सीटी देने के बाद लिया। TVK इस बार पहली बार चुनाव मैदान में उतर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से मैच के दौरान स्टेडियम में सीटी लाने और बजाने पर रोक लगाई गई है।
TVK ने भी इस बैन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने कहा, “दुनिया भर में, चाहे फुटबॉल मैच हो या कोई और खेल, लोग सीटी का इस्तेमाल करते हैं। यह तो खेल का हिस्सा है और इसमें क्या गलत है? क्या सीटी कोई गैरकानूनी चीज़ है? यह सिर्फ एक प्रतीक है। सीटी का असली मतलब तो फाउल खेल को रोकना होता है। लेकिन यह राज्य और यह सरकार खुद फाउल से भरी हुई है।”
क्रिकेट एसोसिएशन ने क्या कहा
तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन(TNCA) ने साफ कहा कि, स्टेडियम में सीटी पर लगी रोक उनका फैसला नहीं है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह पुलिस ने लिया है। चेपॉक स्टेडियम प्रबंधन ने भी स्पष्ट किया कि इस बैन का इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) या बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) से कोई संबंध नहीं है। यानी यह सिर्फ सुरक्षा कारणों से लिया गया पुलिस का फैसला है।
आमतौर पर सुरक्षा कारणों से स्टेडियम में पानी की बोतल, पावर बैंक और छाते जैसी चीजें ले जाने की इजाज़त नहीं होती। लेकिन अब सीटी को भी प्रतिबंधित सामान की सूची में शामिल किए जाने को कई लोग अजीब मान रहे हैं, हालांकि कुछ फैंस का कहना है कि आईसीसी मैचों के नियम अलग हो सकते हैं।