टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में अब गिनती के दिन ही बचे हैं। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फरवरी से 8 मार्च तक टी20 वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट खेला जाएगा। वहीं वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर पाकिस्तान का नाटक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने टीम को टूर्नामेंट में खेलने की मंजूरी दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच को बॉयकॉट करने की बात कही है। वहीं इन सब के बीच खबर है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ मोहसिन नकवी भारत के खिलाफ होने वाले वर्ल्ड कप 2026 मैच को लेकर पलट सकते हैं।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे राजनीतिक और क्रिकेट से जुड़े विवाद में बांग्लादेश के आम चुनाव एक अहम मोड़ साबित हो सकते हैं। माना जा रहा है कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में चुनाव होने के बाद हालात बदल सकते हैं। कई जानकारों का कहना है कि अगर चुनाव के बाद मोहम्मद यूनुस की मौजूदा सरकार की जगह वहां एक लोकतांत्रिक सरकार बनती है, तो मोहसिन नकवी अपने फैसले पर यू-टर्न ले सकते हैं।
एक सूत्र ने कहा कि, मोहसिन नकवी क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर से ज्यादा एक पॉलिटिशियन की तरह काम कर रहे हैं। नकवी को राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के हितों की खास चिंता नहीं है और वे ज्यादा अपनी छवि सुधारने पर ध्यान दे रहे हैं।' सूत्र ने यह भी कहा कि, '12 फरवरी को होने वाले चुनाव के बाद नकवी अपने रुख में बदलाव कर सकते हैं। भारत के खिलाफ मैच से पहले अभी भी दो दिन का समय रहेगा, ऐसे में हालात बदल सकते हैं।' सूत्र के अनुसार, 'अगर रुख नहीं बदला गया तो नकवी को ये भी पता है कि इससे पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ सकता है।'
बांग्लादेश में चुनाव के बाद हो सकता है फैसला
क्या पाकिस्तान टूर्नामेंट की जरूरतों और व्यावसायिक दबावों के सामने अपने सख्त रुख पर कायम रहेगा या नहीं। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, 'अब इस फैसले में सिर्फ क्रिकेट से जुड़ी बातें ही नहीं, बल्कि देश की छवि भी ध्यान में रखी जा रही है।' सूत्रों के मुताबिक, ढाका में होने वाले चुनाव के बाद हालात बदल सकते हैं और इससे इस्लामाबाद को अपनी रणनीति दोबारा तय करने का मौका मिल सकता है। अगर रुख में बदलाव होता है, तो इसे पीछे हटना नहीं, बल्कि “नई परिस्थितियों के मुताबिक लिया गया फैसला” बताया जा सकता है।