पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज रोजर बिन्नी अब BCCI चेयरमैन नहीं रहेंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अगले चुनाव तक कार्यवाहक अध्यक्ष का कामकाज संभालेंगे। BCCI की शीर्ष काउंसिल की बैठक बुधवार को राजीव शुक्ला की अगुवाई में हुई, जिसमें स्पॉन्सरशिप मुख्य मुद्दा था। बैठक में Dream11 के कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने और अगले ढाई साल के लिए नए स्पॉन्सर की खोज पर चर्चा हुई। हालांकि, एशिया कप 10 सितंबर से शुरू हो रहा है, इसलिए समय पर नया स्पॉन्सर ढूंढना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रिपोर्ट में एक सूत्र का हवाला देते हुए कहा गया, “हमारे पास दो हफ्ते भी नहीं बचे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नया टेंडर निकालना, कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना और तकनीकी मुद्दों को निपटाना समय लेगा। एशिया कप के लिए सिर्फ शॉर्ट टर्म स्पॉन्सर नहीं ढूंढ रहे हैं। हमारा ध्यान अगले ढाई साल तक, यानी अक्टूबर-नवंबर 2027 के ODI वर्ल्ड कप तक, स्पॉन्सर सुरक्षित करने पर है।”
रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस लॉ पास हो जाने के बावजूद, BCCI को अगले महीने अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) और चुनाव करने होंगे, क्योंकि यह कानून अभी तक नोटिफाई नहीं किया गया है। कहा गया है कि कानून के औपचारिक रूप से लागू होने में चार से पांच महीने और लग सकते हैं, इसलिए चुनावों को स्थगित नहीं किया जा सकता।
वर्तमान में, बोर्ड लोढा कमिटी की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तैयार संविधान के तहत काम कर रहा है। जब तक नया कानून लागू नहीं होता, BCCI और इसके राज्य संघों को मौजूदा ढांचे के तहत ही काम करना होगा। खेल मंत्रालय ने हाल ही में साफ किया कि दोनों स्तरों पर चुनाव वर्तमान संविधान के तहत ही होंगे, जब तक आगे कोई नया आदेश नहीं आता।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अगर BCCI या किसी राज्य संघ के चुनाव होने हैं, तो उन्हें वर्तमान नियमों के तहत ही आयोजित किया जाएगा। लोढा कमिटी की सिफारिशें इसी तरह लागू रहेंगी, और इसके अनुसार पदाधिकारियों को नियुक्त या हटाया जाएगा। इन नियमों के तहत, पदाधिकारियों की अधिकतम आयु सीमा 70 साल है, यानी जो भी व्यक्ति इस उम्र से पहले चुना जाएगा, वह पूरा कार्यकाल पूरा कर सकता है।