OpenAI Browser: जल्द ही खत्म होने वाला है गूगल Chrome का दबदबा! OpenAI लाने जा रही AI से चलने वाला ब्राउजर

OpenAI Browser: अगर OpenAI का ब्राउजर ChatGPT के अनुमानित 500 मिलियन वीकली यूजर्स के बीच लोकप्रिय हो जाता है, तो यह अल्फाबेट के बिजनेस मॉडल के एक प्रमुख स्तंभ गूगल क्रोम के लिए गंभीर चुनौती पेश कर सकता है

अपडेटेड Jul 10, 2025 पर 5:08 PM
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नया वेब ब्राउजर बनाने का निर्णय एक सोची समझी रणनीति के तहत लिया गया है

OpenAI Browser: ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI जल्द ही अपना AI से चलने वाला वेब ब्राउजर लॉन्च करने वाली है। माना जा रहा है कि OpenAI का ब्राउजर गूगल के क्रोम ब्राउजर को कड़ी टक्कर देगा। इसके साथ ही ब्राउजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने से यूजर्स का एक्सपीरियंस पूरी तरह से बदल जाएगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले ब्राउजर का इंटरफेस ChatGPT जैसा ही होगा। वेबसाइट नेविगेशन के ट्रेडिशनल तरीके पर निर्भर रहने के बजाय, यूजर्स इनबिल्ट AI चैट सिस्टम के माध्यम से बातचीत भी कर सकेंगे।

AI एजेंट से ब्राउजिंग होगी आसान 

यह भी उम्मीद है कि ब्राउजर OpenAI के AI एजेंट टूल्स के माध्यम से ऑपरेटर को सीधे अपने इंटरफेस में इंटीग्रेट करेगा, जिससे यूजर्स ब्राउजिंग इंटरफेस में विभिन्न कार्य आसानी से किए सकेंगे। रॉयटर्स के अनुसार, OpenAI के आने वाले ब्राउजर में इंटीग्रेटेड AI एजेंट होंगे जो वेबसाइटों पर सीधे रिजर्व करने या फॉर्म ऑटो-फिल करने जैसे कार्यों को संभालने के लिए डिजाइन किए गए है। इस फंक्शनलिटी का उद्देश्य एक सहज, हैंड्स-फ्री ब्राउजिंग अनुभव प्रदान करना है, जिससे ब्राउजर OpenAI के AI-संचालित टूल्स और सेवाओं के बढ़ते इकोसिस्टम तक पहुंचने के लिए एक प्रमुख ब्राउजर बन जाएगा।


गूगल के लिए बन सकता है बड़ी चुनौती

अगर OpenAI का ब्राउजर ChatGPT के अनुमानित 500 मिलियन वीकली यूजर्स के बीच लोकप्रिय हो जाता है, तो यह अल्फाबेट के बिजनेस मॉडल के एक प्रमुख स्तंभ गूगल क्रोम के लिए गंभीर चुनौती पेश कर सकता है। क्रोम यूजर्स का डेटा इकट्ठा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो गूगल के टारगेटेड विज्ञापन प्रणाली में बड़ी भूमिका निभाता है। बता दें कि यह राजस्व का एक ऐसा स्रोत है जिससे अल्फाबेट की कुल कमाई का लगभग 75% हिस्सा आता है।

खुद का ब्राउजर क्यों बना रही है OpenAI?

कंपनी के अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक, नया वेब ब्राउजर बनाने का निर्णय एक सोची समझी रणनीति के तहत लिया गया है। ब्राउजर के माध्यम से OpenAI यूजर्स का डेटा इकट्ठा करेगी और उस डेटा की मदद से अपने AI इकोसिस्टम को और बेहतर बनाएगी। यही वजह है कि OpenAI खुद का एक स्वतंत्र ब्राउजर लॉन्च करने वाली है।

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