PSLV-C62 Mission: EOS-N1 मिशन में आई तकनीकी खराबी, ISRO प्रमुख ने दिया बयान

PSLV-C62 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार को PSLV-C62 मिशन को लॉन्च किया, जो भारत के 2026 प्रक्षेपण कैलेंडर का पहला अंतरिक्ष मिशन है। हालांकि, लॉन्च के तुरंत बाद इसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई।

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 1:45 PM
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PSLV-C62 Mission: EOS-N1 मिशन में आई तकनीकी खराबी, ISRO प्रमुख ने दिया बयान

PSLV-C62 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार को PSLV-C62 मिशन को लॉन्च किया, जो भारत के 2026 प्रक्षेपण कैलेंडर का पहला अंतरिक्ष मिशन है। हालांकि, लॉन्च के तुरंत बाद इसमें कुछ तकनीकी खराबी आ गई। बता दें कि 44.4 मीटर लंबा चार चरणों वाला PSLV-C62 रॉकेट सोमवार को सुबह 10:18 बजे पूर्व निर्धारित समय पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरी। जिसमें EOS-N1 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए 14 सह-यात्री सैटेलाइट भी थे।

इस मिशन को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ने अंजाम दिया, जो ISRO की कमर्शियल शाखा है। यह NSIL के जरिए पूरा किया गया 9वां समर्पित कमर्शियल मिशन है। यह PSLV की 64वीं उड़ान भी है, जो ISRO का प्रमुख प्रक्षेपण यान बना हुआ है।


मिशन के तीसरे चरण में आई बाधा

हालांकि, ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने एक बयान में कहा कि तीसरे चरण के करीब मिशन में तकनीकी खराबी आ गई। उन्होंने कहा, “आज हमने PSLV-C62/EOS-N1 मिशन का प्रयास किया। PSLV वाहन चार चरणों वाला वाहन है जिसमें दो ठोस चरण और दो तरल चरण होते हैं। तीसरे चरण के अंत के करीब वाहन का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप था। लेकिन तीसरे चरण के अंत के करीब, हमें वाहन में अधिक गड़बड़ी देखी जा रही है।”

उन्होंने आगे कहा, "इसके बाद, वाहन के उड़ान पथ में विचलन देखा गया है। हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं।"

ISRO ने X पर पोस्ट कर दी जानकारी

बाद में, इसरो ने X पर पोस्ट कर बताया कि " PSLV-C62 मिशन को PS3 चरण के अंत में एक असामान्य स्थिति का सामना करना पड़ा। इसका विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया गया है।"

ISRO के अनुसार, PSLV-C62 एक चार-चरण वाला प्रक्षेपण यान है, जिसकी ऊंचाई 44.4 मीटर और भार 260 टन है। यह मिशन PSLV-DL कॉन्फिगरेशन का उपयोग करता है, जिसमें दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर लगे हैं।

लॉन्च के लिए काउंटडाउन लिफ्ट-ऑफ से 25 घंटे पहले शुरू हुआ था।

इसरो ने लॉन्च से पहले एक बयान में कहा, “यान और उपग्रहों का एकीकरण पूरा हो चुका है और प्री-लॉन्च जांच चल रही है। PSLV-C62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के फर्स्ट लॉन्च पैड से उड़ान भरने वाला है।”

मुख्य पेलोड, EOS-N1, थाईलैंड और यूनाइटेड किंगडम का संयुक्त रूप से निर्मित एक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है।

इस सैटेलाइट को अन्य सैटेलाइट के साथ सूर्य समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit)  में स्थापित करने की योजना थी। इन उपग्रहों की तैनाती लॉन्च के लगभग 17 मिनट बाद होने की उम्मीद है।

पृथ्वी अवलोकन मिशन के अलावा, PSLV-C62 उड़ान केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर (KID) का प्रदर्शन भी करेगी, जो एक स्पेनिश स्टार्टअप के जरिए विकसित एक छोटा प्रोटोटाइप री-एंट्री वाहन है। KID कैप्सूल मिशन का अंतिम को-पैसेंजर है।

ISRO ने कहा कि KID का प्रदर्शन लॉन्च के दो घंटे से अधिक समय बाद होगा।

वैज्ञानिक रॉकेट के चौथे चरण (PS4) को दोबारा शुरू करेंगे, ताकि चरण को निष्क्रिय किया जा सके और इसे वापस प्रवेश पथ पर स्थापित किया जा सके।

इस प्रक्रिया के बाद, KID कैप्सूल अलग होकर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करेगा। ISRO ने कहा कि PS4 चरण और KID कैप्सूल दोनों के नियंत्रित वापस प्रवेश करने और दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरने की उम्मीद है।

यह पूरा मिशन लॉन्च से लेकर सभी निर्धारित कक्षीय गतिविधियों और परीक्षणों के पूरा होने तक दो घंटे से अधिक समय तक चलने की उम्मीद है।

PSLV-C62 मिशन ISRO के कमर्शियल लॉन्च पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है, जिसके तहत NSIL एक ही मिशन के माध्यम से कई घरेलू और विदेशी ग्राहकों को पूरी लॉन्च सेवाएं प्रदान करता है।

इस मिशन से पहले PSLV ने 63 सफल उड़ानें पूरी की हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन, आदित्य-L1 और एस्ट्रोसैट जैसे ऐतिहासिक प्रक्षेपण शामिल हैं।

2017 में, इस प्रक्षेपण यान ने एक ही मिशन में 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

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