
2. नॉर्वे

3. नुवारा एलिया, श्रीलंका

श्रीलंका का यह हिल स्टेशन “लिटिल इंग्लैंड” के नाम से जाना जाता है। चाय बागान, झरने और बादलों से घिरी पहाड़ियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां मई-जून का तापमान 14°C से 20°C रहता है रुकने की जगह बुटीक होटल और हिल रिसॉर्ट है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹35,000 से ₹60,000 (फ्लाइट सहित) तक है
4. सलालाह, ओमान

ओमान का सलालाह खरीफ सीजन में पूरी तरह हरियाली से भर जाता है। जून से सितंबर के दौरान यहां हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चलती हैं। तापमान मिडिल ईस्ट में इसे सबसे ठंडी जगहों में शामिल करता है। यहां मई-जून का तापमान 20°C से 27°C रहता है रुकने की जगह लक्जरी होटल और बीच रिसॉर्ट है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹45,000 से ₹80,000 तक है
5. स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ठंडी जलवायु के लिए मशहूर है। यहां गर्मियों में मई-जून का तापमान 12°C से 17°C रहता है झीलें, पहाड़ और शांत गांव इसे शानदार समर एस्केप बनाते हैं। यहां रुकने की जगह एडिनबर्ग, लोच नेस, हाईलैंड्स है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹1.2 लाख से ₹2 लाख तक है
6. आइसलैंड

अगर आप ग्लेशियर, ज्वालामुखी और बर्फीले नज़ारे देखना चाहते हैं, तो आइसलैंड बेहतरीन विकल्प है। यहां गर्मियों मई-जून का तापमान 8°C से 15°C रहता है। यहां की ठंडी सुबहें और लंबी प्राकृतिक घाटियां पर्यटकों को अलग अनुभव देती हैं। यहां रुकने की जगह होटल, ग्लास केबिन और गेस्टहाउस है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक है
7. ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा

कनाडा का ब्रिटिश कोलंबिया एडवेंचर और नेचर प्रेमियों के लिए शानदार जगह है। यहां झीलें, जंगल और बर्फीले पहाड़ गर्मियों में भी मौसम को ठंडा बनाए रखते हैं। औसत तापमान 13 से 22 डिग्री सेल्सियस रहता है। यहां मई-जून का तापमान 13°C से 22°C रहता है रुकने की जगह रिसॉर्ट, होटल और लॉज है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹1.3 लाख से ₹2.2 लाख तक है
8. फिनलैंड

9. करादेनिज, तुर्की

तुर्की का ब्लैक सी क्षेत्र करादेनिज अपनी हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां गर्मियों में भी मौसम ठंडा और नम रहता है। चाय बागान और पहाड़ी गांव इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं। यहां मई-जून का तापमान 15°C से 22°C रहता है रुकने की जगह सी-व्यू होटल और माउंटेन रिसॉर्ट है और यहां रुकने का प्रतिव्यक्ति खर्च ₹70,000 से ₹1.3 लाख तक है
क्यों बढ़ रहा है “कूलकेशन” का ट्रेंड?
जलवायु परिवर्तन और बढ़ती हीटवेव के कारण लोग अब ठंडी जगहों पर छुट्टियां बिताना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते पर्यटक अब ऐसे डेस्टिनेशन खोज रहे हैं जहां मौसम आरामदायक हो और भीड़ भी कम मिले।
भारत में भी बढ़ रही मांग
भारत में भी हिमाचल, लद्दाख, सिक्किम, कूर्ग और मुन्नार जैसी ठंडी जगहों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ट्रैवल इंडस्ट्री के अनुसार, 2026 में “कूलकेशन” भारतीय यात्रियों का सबसे बड़ा ट्रेंड बनकर उभरा है
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