भारत में नौकरी करने वाले लोगों के लिए असली थकान सिर्फ काम से नहीं, बल्कि रोजाना के लंबे और मुश्किल सफर से आती है। खासकर गर्मियों में जब तापमान चरम पर होता है, तब ऑफिस आना-जाना किसी चुनौती से कम नहीं लगता। भीड़भाड़, ट्रैफिक, पसीना और समय की बर्बादी—ये सब मिलकर दिन की शुरुआत को ही थका देने वाला बना देते हैं। ऐसे में कई लोग ऑफिस पहुंचने से पहले ही अपनी आधी ऊर्जा खो देते हैं। इसी समस्या को उजागर करते हुए लिंक्डइन यूजर सुहिता देव ने पारंपरिक ऑफिस कल्चर पर सवाल उठाया है।
