Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में पिछले सप्ताह क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान के पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता ने मंगलवार (17 जून) को मुंबई के पवई स्थित अपने घर के बाहर नम आंखों से अपने बेटे को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कैप्टन सभरवाल लंदन जाने वाली एयर इंडिया की उस दुर्भाग्यपूर्ण फ्लाइट को उड़ा रहे थे, जो 12 जून को अहमदाबाद में उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। आंखों में आंसू भरकर और हाथ जोड़कर कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता ने अपने बेटे को अंतिम श्रद्धांजलि दी। सभरवाल ने अपने पिता से वादा किया था कि वह अपनी नौकरी छोड़ देंगे और पूरे समय उनकी देखभाल करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि सभरवाल के पार्थिव शरीर को एक ताबूत में रखकर विमान से सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर लाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद सभरवाल के परिवार के सदस्य शव को पवई के जल वायु विहार स्थित उनके आवास पर ले गए।
56 वर्षीय सभरवाल के कई दोस्त और रिश्तेदार तथा स्थानीय निवासी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास के बाहर एकत्र हुए। व्यवसायी निरंजन हीरानंदानी और स्थानीय विधायक दिलीप लांडे उन लोगों में शामिल थे, जो सभरवाल को श्रद्धांजलि देने उनके आवास पर पहुंचे।
सुमित सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल और अन्य रिश्तेदारों को उन्हें श्रद्धांजलि देते देखा गया। अधिकारी ने बताया कि बाद में पायलट के पार्थिव शरीर को लेकर शव वाहन चकला विद्युत शवदाह गृह के लिए रवाना हुआ।
सभरवाल मुंबई में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते थे। इस विमान की कमान कैप्टन सभरवाल और उनके सहयोगी फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर संभाल रहे थे। DGCA ने पहले एक बयान में बताया था कि सभरवाल के पास 8,200 घंटे उड़ान का अनुभव था। जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे उड़ान का अनुभव था।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI 171) 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 230 यात्री और विमान कर्मी दल के 12 सदस्य सवार थे।
दुर्घटना में विमान में सवार एक व्यक्ति बच गया। जबकि बाकी 241 लोगों की मौत हो गई। परिसर में भी 29 अन्य लोगों की हादसे में मौत हो गई। केंद्र ने विमान दुर्घटना के मूल कारण का पता लगाने और यांत्रिक विफलता, मानवीय भूल और विनियामक अनुपालन सहित किसी भी कारक का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
नागर विमानन मंत्रालय ने कहा था कि केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता वाली समिति संबंधित संस्थाओं द्वारा की जा रही अन्य जांचों का विकल्प नहीं होगी। जांच की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मोहोल ने कहा, "जांच जारी है और कई छोटी-छोटी जानकारियों की जांच की जाएगी। ‘ब्लैक बॉक्स’ डाउनलोड करने के बाद कई चीजें सामने आएंगी। मामले की जांच के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की गई है। रिपोर्ट तीन महीने के भीतर प्रस्तुत की जाएगी।"