विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का सपना हर किसी को अच्छा लगता है। कई लोग सोचते हैं कि वहां काम करके ज्यादा पैसे कमाएंगे और आराम से अच्छा जीवन जिएंगे। लेकिन सच यह है कि सैलरी का बड़ा हिस्सा रोजमर्रा के खर्चों में चला जाता है। जैसे किराया, खाना, ट्रांसपोर्ट, बिजली-पानी और दूसरे बिल। लोग अक्सर सिर्फ बड़ी सैलरी देखकर खुश हो जाते हैं और ये नहीं सोचते कि खर्च कटने के बाद हाथ में कितना पैसा बचेगा। इसलिए ये समझना जरूरी है कि खर्च निकालने के बाद असली बचत कितनी होती है। इसी बारे में एक भारतीय इंजीनियर ने बताया, जो डबलिन में अमेजन में काम कर रहे हैं।
