कहते हैं, "नाम में क्या रखा है?" बेंगलुरु में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया, जब दो महंगी कारों पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया गया। हैरानी की बात ये है कि ये दोनों गाड़ियां दो बॉलीवुड सुपरस्टार्स के नाम पर थी, लेकिन सिर्फ कागजों पर। बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और आमिर खान के नाम पर रजिस्टर्ड दो रोल्स रॉयस कारों पर कर्नाटक की राजधानी में रोड टैक्स का नहीं भरने पर 18 लाख और 19 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।
हालांकि, असली खेल ये है कि ये गाड़ियां अब इन दोनों स्टार्स की नहीं थीं। दोनों कारें लोकल बिजनेसमैन और राजनेता यूसुफ शरीफ की हैं, जो इन लक्जरी गाड़ियों का रेगुलर इस्तेमाल करते थे। उन्होंने कुछ साल पहले बॉलीवुड हस्तियों से कारें खरीदी थीं, लेकिन उन्हें अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं किया था।
शरीफ को लोग KGF बाबू के नाम से भी जानते थे। क्योंकि वे कर्नाटक के खनन शहर कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) के मूल निवासी हैं, जिसने ब्लॉकबस्टर कन्नड़ फिल्म सीरीज 'KGF' के बाद लोकप्रियता हासिल की।
अमिताभ बच्चन से खरीदी गई रोल्स रॉयस फैंटम और आमिर खान की रोल्स रॉयस घोस्ट महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड हैं। KGF बाबू ने ये कारें कब खरीदीं, इसकी सही तारीख अभी पता नहीं चल पाई है। लेकिन, RTO के अनुसार, रोल्स-रॉयस फैंटम 2021 से बेंगलुरु में है और दूसरी 2023 से।
जहां फैंटन पर 18.53 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया, वहीं घोस्ट पर स्थानीय सड़क कर का भुगतान किए बिना कर्नाटक में लंब समय के इस्तेमाल के लिए 19.73 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने खुलासा किया कि रोल्स-रॉयस फैंटम को पहली बार 2021 में टैक्स न भरने पर झंडी दिखाई गई थी, लेकिन उस समय इसने बेंगलुरु में एक साल पूरा नहीं किया था, इसलिए इसे बिना जुर्माना लगाए छोड़ दिया गया था।
लेकिन अब, यह पुष्टि हो गई है कि दोनों गाड़ियां परिवहन नियमों की तरफ से तय एक साल की सीमा से ज्यादा समय तक शहर में चल रही थीं, जिसके कारण इन पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
RTO अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कागजों पर गाड़ियों के मालिकों का नाम अभी तक नहीं बदला है। क्योंकि गाड़ी के कागज ट्रांसफर नहीं कराए गए।
शरीफ ने चार साल पहले अपनी और अपने परिवार की 1,744 करोड़ रुपS से अधिक की संपत्ति घोषित की थी। जब उन्होंने 2021 के कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में बैंगलोर शहरी स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। रियल एस्टेट में कदम रखने से पहले वह कबाड़ बेचने का काम करते थे।