ये जानवर नहीं होते अंधे, आंखें बंद होने पर भी देख लेते हैं सब!

इंसानों के लिए आंखें बंद करना मतलब अंधेरा हो जाना है, लेकिन प्रकृति ने कुछ जीवों को इससे अलग खास ताकत दी है। ये जीव आंखें बंद होने पर भी अपने आसपास की हलचल को महसूस कर लेते हैं। यही अनोखी क्षमता उन्हें शिकार करने, खतरे से बचने और कठिन हालात में भी सतर्क रहने में मदद करती है

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 10:01
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ऊंट ऊंट के पास तीन पलकें होती हैं, जिनमें से एक पूरी तरह पारदर्शी होती है। रेगिस्तान की धूल और तेज हवा के बीच भी यह पलक उसकी आंखों की रक्षा करते हुए उसे देखने में मदद करती है।

गिरगिट
गिरगिट की पलकों पर एक छोटा सा छेद होता है, जो उसकी “व्यू विंडो” की तरह काम करता है। इस छेद के जरिए वह आंखें बंद रखते हुए भी अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखता है।

स्किंक
स्किंक, जो छिपकली की एक प्रजाति है, उसकी पलकों की जगह पारदर्शी परत होती है। यही परत उसे बिना आंखें खोले भी देखने की क्षमता देती है और आंखों को सुरक्षित रखती है।

ओरिएंटल बे उल्लू
यह खास प्रजाति का उल्लू अपनी पलकों में मौजूद छोटे-छोटे छेदों के कारण आंखें बंद होने पर भी हलचल को महसूस कर सकता है। इससे वह रात के अंधेरे में भी चौकन्ना रहता है।

सांप
सांपों की आंखों में पलकें नहीं होतीं, बल्कि एक पारदर्शी स्केल (परत) होता है। यह परत उनकी आंखों को ढककर सुरक्षा देती है और उन्हें बिना पलक झपकाए देखने में मदद करती है।

डॉल्फिन और व्हेल
डॉल्फिन और व्हेल एक अनोखी प्रक्रिया अपनाते हैं, जिसे यूनिहेमिस्फेरिक स्लीप कहा जाता है। इसमें वे अपने दिमाग का आधा हिस्सा सुलाकर एक आंख बंद करते हैं, जबकि दूसरी आंख से आसपास पर नजर रखते हैं।