सैलरी से ज्यादा मकान का रेंट...7.5 ऑफिस इंक्रीमेंट पर बेंगलुरु में काम कर रहे इंजीनियर की पोस्ट वायरल

बेंगलुरु में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हाल ही में बताया कि, उसे सैलरी में इस साल 7.5% का इंक्रीमेंट मिला है, लेकिन उसके मकान मालिक ने किराया 10% बढ़ा दिया। इस बढ़ती महंगाई से परेशान होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन मेरा पूरी सैलरी सिर्फ किराए में चली जाएगी

अपडेटेड Mar 31, 2025 पर 5:22 PM
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मेट्रो सिटीज में अपने बजट में अच्छी लाइफ जीना चैलेंजिंग होता जा रहा है।

बढ़ती मंहगाई के दौर में देश के बड़े शहरों यानी मेट्रो सिटीज में अपने बजट में अच्छी लाइफ जीना चैलेंजिंग होता जा रहा है। बिना अच्छी सैलरी के देश के किसीभी बड़े शहर में रहना बेहद मुश्किल का काम बन गया है। हाल ही बेंगलुरु में रहने वाले एक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने भी अपनी इन्हीं समस्याओं के बारे में पने दिल का दर्द खुल कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रखा है, जो काफी वायरल हो रहा है।

शख्स ने बयां किया दर्द

बेंगलुरु में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने हाल ही में बताया कि, उसे सैलरी में इस साल 7.5% का इंक्रीमेंट मिला है, लेकिन उसके मकान मालिक ने किराया 10% बढ़ा दिया। इस बढ़ती महंगाई से परेशान होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन मेरा पूरी सैलरी सिर्फ किराए में चली जाएगी।" उनकी इस पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। निवेशक विवेक खत्री ने इसे "आधुनिक शहरी घोटाला" बताते हुए कहा कि सैलरी धीमी गति से बढ़ता है, जबकि किराया तेजी से बढ़ रहा है।


यूजर्स ने किए ऐसे कमेंट

एक अन्य यूजर ने कहा, "यह सिर्फ बेंगलुरु ही नहीं, हैदराबाद में भी आईटी कर्मचारियों के साथ यही हो रहा है। हमारा आधा सैलरी किराए में चला जाता है और बाकी टैक्स में।" एक अन्य ने लिखा, "बेंगलुरु में रहकर नौकरी करना अब कम फायदेमंद होता जा रहा है।" इससे साफ है कि बढ़ते किराए और धीमी वेतन वृद्धि के कारण आईटी पेशेवरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

कुछ लोगों का मानना है कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए कंपनियों को कम से कम 10% सैलरी तो बढ़ानी ही चाहिए। एक यूजर, ईश्वर सिंह ने लिखा, "10% से कम सैलरी इंक्रीमेंट तो अपराध जैसा है।" उन्होंने यह भी कहा कि "महंगाई के असली आंकड़े छुपाए जाते हैं और कंपनियां इसी बहाने सैलरी कम बढ़ाती हैं, जबकि किराया, किराने का सामान और बाकी जरूरी चीजें हर साल 10% तक महंगी हो रही हैं।"

 एआई चैटबॉट ग्रोक ने दिया ये जवाब

कुछ लोगों ने एआई चैटबॉट ग्रोक से भी पूछा कि, क्या किसी दिन रे का किराया उसके वेतन से ज्यादा हो सकता है। जवाब में ग्रोक ने बताया कि कुछ मानकों के आधार पर ऐसा होने में 23 साल लग सकते हैं। एक्स यूजर कृष्ण मोहन ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "ग्रोक कहता है कि अगर यही स्थिति रही तो तुम्हें 23 साल बाद अपना पूरा वेतन सिर्फ किराए में देना पड़ेगा!"

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