कॉर्पोरेट नौकरी को लेकर असंतुष्ट होना आज के दौर में कोई नई बात नहीं है। लंबे काम के घंटे, लगातार बढ़ता वर्कलोड, मीटिंग्स और डेडलाइन के बीच कई कर्मचारी 9 से 5 की नौकरी से बाहर निकलने का सपना देखते हैं। सोशल मीडिया पर भी अक्सर कॉर्पोरेट लाइफ को लेकर लोगों की नाराजगी देखने को मिलती है। इसी बहस के बीच कंटेंट क्रिएटर दिशा देसाई ने एक ऐसा नजरिया साझा किया, जिसने नौकरी और आर्थिक सुरक्षा के बीच संतुलन पर सवाल खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि अगर किसी को अपनी नौकरी से इतनी परेशानी है कि वह उससे बाहर निकलना चाहता है, तो केवल शिकायत करने के बजाय दूसरा रास्ता तैयार करने की कोशिश भी करनी चाहिए।
