कभी-कभी किस्मत की एक क्लिक आपको नई जिंदगी दे सकती है, लेकिन उसी क्लिक से मौत भी दस्तक दे सकती है। जबलपुर के इंद्र कुमार तिवारी को क्या पता था कि उनका अकेलापन, सोशल मीडिया पर शेयर किया एक वीडियो और थोड़ी सी भावुकता उन्हें जिंदगी से हमेशा के लिए दूर ले जाएगी। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक लड़की, जो खुद को 'खुशी तिवारी' बताती है, अचानक उनके जीवन में आएगी, प्यार करेगी, शादी का वादा करेगी और फिर मौत बनकर सामने खड़ी हो जाएगी।
लेकिन यही हुआ। जिस सोशल मीडिया ने उन्हें थोड़ी सी उम्मीद दी थी, उसी ने उन्हें ऐसे जाल में फंसा दिया जहां से निकलना नामुमकिन था। इस कहानी में न सिर्फ धोखा था, बल्कि एक गहरी साजिश थी जमीन हड़पने की, झूठी शादी की और एक मासूम की बेरहमी से की गई हत्या की।
वायरल रील देख रची खतरनाक प्लानिंग
साजिश की शुरुआत हुई एक वायरल सोशल मीडिया रील से, जिसमें इंद्र कुमार ने अविवाहित होने और 18 बीघा जमीन के मालिक होने की बात कही थी। यही वीडियो उत्तर प्रदेश की साहिबा बानो ने देखा और एक शातिर योजना बना डाली।
साहिबा ने खुद को “खुशी तिवारी” बताकर इंद्र से संपर्क किया और फर्जी आधार कार्ड का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाई। कुछ ही बातचीत में शादी का प्रस्ताव दे दिया और इंद्र को गोरखपुर बुला लिया।
शादी के कुछ घंटे बाद ही कर दी हत्या
गोरखपुर में एक दिखावटी शादी का आयोजन किया गया, लेकिन शादी के कुछ घंटे बाद ही इंद्र की हत्या कर दी गई। शव को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के हाटा इलाके की एक नाली में फेंक दिया गया।
शादी की तस्वीरों से जमीन पर कब्जे की थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि साहिबा ने शादी की तस्वीरों का इस्तेमाल इंद्र की विधवा बनकर उसकी ज़मीन पर दावा ठोकने के लिए करना था।
हफ्तों बाद हुआ खुलासा, तीन गिरफ्तार
पहले तो शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन जबलपुर से लापता व्यक्ति की रिपोर्ट से उसका मिलान हुआ। पुलिस ने साहिबा और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले भी कर चुकी थी ऐसी साजिश
गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक कुशल भी है, जिसे साहिबा पहले इसी तरह फर्जी शादी के झांसे में ले चुकी थी। पुलिस का मानना है कि कुशल को भी जमीन बिकवाने पर पैसे देने का वादा किया गया था।