भारत में सफाई का काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए रोजमर्रा की ड्यूटी आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मैनहोल, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान उन्हें कई बार ऐसे हालातों का सामना करना पड़ता है, जहां छोटी सी गलती भी जान पर भारी पड़ सकती है। जहरीली गैस, गंदगी और संक्रमण के बीच काम करने वाले इन कर्मचारियों की सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी रोक के बावजूद कई जगह लोगों से जोखिम भरे तरीके से सफाई कराने की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में तकनीक एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है।
