इंडोनेशिया के योग्याकार्ता शहर से सामने आई एक घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। एक डे-केयर सेंटर के वायरल वीडियो में मासूम बच्चों के साथ किया गया व्यवहार देखकर हर कोई हैरान और नाराज है। छोटे-छोटे बच्चों को सिर्फ डायपर में, हाथ-पैर बांधकर तंग कमरों में रखने जैसी तस्वीरें सामने आईं, जिसने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया। इन मासूमों की हालत देखकर लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर साफ नजर आया और इसे इंसानियत के खिलाफ बताया गया।
ये मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने की कहानी भी बन गया है, जहां माता-पिता ने अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल के लिए छोड़ा था। अब ये घटना बच्चों की सुरक्षा और डे-केयर सेंटरों की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।
53 बच्चों के साथ हुआ दुर्व्यवहार
पुलिस जांच में सामने आया कि इस सेंटर में 53 से ज्यादा बच्चे, जिनमें ज्यादातर दो साल से कम उम्र के थे, शारीरिक और मानसिक तौर पर लापरवाही का शिकार हुए। इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें केयरटेकर, प्रिंसिपल और संस्था से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
एक शिकायत से खुला पूरा सच
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सेंटर के एक पूर्व कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 24 अप्रैल को पुलिस ने छापा मारा और अंदर की सच्चाई सामने आई। छापेमारी के दौरान जो हालात दिखे, उन्होंने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
छोटे कमरों में ठूंसे गए थे बच्चे
जांच में पाया गया कि सेंटर में कुल 100 से ज्यादा बच्चे थे और कई कमरों में 20-20 बच्चों को एक साथ ठूंसकर रखा गया था। ये कमरे बहुत छोटे थे और बच्चों के रहने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं थे। कई बच्चे रोते हुए और बिना देखभाल के पड़े मिले।
बिना लाइसेंस चल रहा था डे-केयर
अधिकारियों ने बताया कि ये डे-केयर सेंटर बिना किसी वैध लाइसेंस के चल रहा था। इसके बावजूद यहां बड़ी संख्या में बच्चों को रखा जा रहा था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
स्टाफ की सफाई, पुलिस ने किया खारिज
आरोपियों ने कहा कि बच्चों को बांधकर रखने का मकसद उन्हें इधर-उधर भागने से रोकना था। लेकिन पुलिस और विशेषज्ञों ने इस दलील को पूरी तरह गलत बताया और इसे साफ तौर पर दुर्व्यवहार माना।
इस घटना के बाद बच्चों के माता-पिता गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल के भरोसे यहां छोड़ा था, लेकिन उन्हें ऐसी क्रूरता की उम्मीद नहीं थी। कुछ माता-पिता ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इसे “निर्दयता” और “अमानवीय व्यवहार” बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बच्चों को मिल रही मदद और जांच जारी
फिलहाल डे-केयर सेंटर को बंद कर दिया गया है। बच्चों की मेडिकल जांच और काउंसलिंग कराई जा रही है, ताकि वे इस मानसिक आघात से बाहर आ सकें। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है और मामले की जांच जारी है।