गुरुग्राम और मुंबई जैसे महानगरों में करीब 17 साल बिताने के बाद कारोबारी और संस्थापक करण कुकरेजा ने अपने शहर भोपाल लौटने का फैसला किया। उनका कहना है कि इस बदलाव ने उनकी जिंदगी का नजरिया ही बदल दिया। जहां बड़े शहरों में करियर की रफ्तार के साथ ट्रैफिक, लंबा सफर और भागदौड़ रोजमर्रा का हिस्सा बन जाते हैं, वहीं भोपाल में उन्हें काम के साथ सुकून भी मिल रहा है।
