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किंग कोबरा से 100 गुना जहरीला है यह छोटा जीव, आकार सिर्फ 1 सेंटी मीटर, अब तक वैज्ञानिक नहीं बना पाए दवा

Irukandji Jellyfish: जहरीले जीवों का नाम सुनते ही लोग थर-थर कांपने लगते हैं। आमतौर पर लोग सांप को ही सबसे ज्यादा जहरीला जीव समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। दुनिया में एक ऐसा जीव भी है, जो किंग कोबरा से भी 100 गुना जहरीला पाया गया है। इसका नाम इरुकांजी जेलीफिश (Irukandji Jellyfish) है। इसका आकार सिर्फ 1 सेंटी मीटर है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 06, 2025 पर 3:04 PM
किंग कोबरा से 100 गुना जहरीला है यह छोटा जीव, आकार सिर्फ 1 सेंटी मीटर, अब तक वैज्ञानिक नहीं बना पाए दवा
Irukandji Jellyfish: इरुकांजी जेलीफिश ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में पाई जाती है। यह जेलीफिश अपने जहरीले डंक के लिए जानी जाती है।

जब भी जहरीले जीवों की बात होती है तो सबसे पहले सांपों का नाम सामने आता है। इसमें भी सबसे किंग कोबरा का खयाल आता है। इसे दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना गया है। एक किंग कोबरा का जहर इतना शक्तिशाली होता है कि यह एक ही बार में 20 लोगों की जान ले सकता है। लेकिन दुनिया में एक ऐसा छोटा-सा समुद्री जीव भी है। जिसका जहर सांपों से 100 गुना अधिक होता है। इसके जहर का कोई इलाज भी नहीं है। अब तक वैज्ञानिक इसके जहर से निपटने के लिए कोई दवा नहीं बना पाए।

इस महाजहरीले जीव का नाम इरुकांजी जेलीफिश (Irukandji Jellyfish) है। यह ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में पाई जाती है। यह जेलीफिश अपने जहरीले डंक के लिए जानी जाती है। इसे ‘दुनिया की सबसे घातक जेलीफिश’ (Deadliest Jellyfish) का दर्जा मिला हुआ है।

जेलीफिश समुद्र में पाई जाती है

ये समुद्री जेलीफिश आकार में बहुत ही छोटी होती है। इसकी लंबाई 1 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है। इरुकांजी का शरीर पारदर्शी होता है, तो ये अदृश्य ही होती है। इसके शरीर में पैर पड़ते ही तेजी से जहर छोड़ती है। इरुकांजी जेलीफिश के विष का कोई तोड़ नहीं है। अब तक इसके लिए कोई एंटीडोट नहीं बना है। वैसे तो यह गहरे समुद्र में ही मिलती है, लेकिन कई बार पानी के साथ बहकर तटों के किनारे रेत में भी पहुंच जाती है। वहां भी इसका हमला हो सकता है। इरुकांजी जेलीफिश ने अगर डंक मार दिया, तो बहुत तेज़ और असहनीय दर्द होता है। यह कई दिनों तक रह सकता है। इसे इरुकांजी सिंड्रोम’ के नाम से जाना जाता है। जिससे पीड़ित की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। उसे डिप्रेशन और आत्महत्या के ख्याल आने लगते हैं।

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