कोलकाता के एक प्रोफेशनल की LinkedIn पोस्ट ने इन दिनों नौकरी, वेतन भुगतान और कर्मचारी अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पूर्व कर्मचारी ने दावा किया है कि संगठन छोड़ने के लगभग एक साल बाद भी उसकी करीब ₹10,000 की बकाया सैलरी का भुगतान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक छोटी रकम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सम्मान और भरोसे से जुड़ा है, जिसकी उम्मीद हर कर्मचारी अपने काम के बदले करता है। पोस्ट में उन्होंने बताया कि कई बार संपर्क करने और इंतजार करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
