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Lohri 2026: लोहड़ी के त्योहार में खास होते हैं ये रिवाज, इस दिन बनती हैं गुड़ की खीर और पिन्नियों जैसी परंपरिक चीजें

Lohri 2026: लोहड़ी का त्योहार देश के प्रमुख पर्व में से एक है। सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक ये पर्व खासतौर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल भी ये पर्व हर साल की तरह 13 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 9:42 PM
Lohri 2026: लोहड़ी के त्योहार में खास होते हैं ये रिवाज, इस दिन बनती हैं गुड़ की खीर और पिन्नियों जैसी परंपरिक चीजें
इस साल भी ये पर्व हर साल की तरह 13 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।

Lohri 2026: सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक लोहड़ी का त्योहार हर साल जनवरी की ठिठुरती ठंड के बीच मनाया जाता है। शाम के समय परिवार, सोसाइटी, मित्र और रिश्तेदार सब आग के चारों ओर जुटते हैं और ढोल और पारंपरिक भांगड़ा-गिद्दा करते त्योहार मनाते हैं। इस त्योहार की खास पेशकश होते हैं तिल, गुड़, गेहूं की बालियां और रेवड़ी। इन्हें लोहड़ी की अग्नि में डाला जाता है और रबी की फसल की अच्छी पैदावार के लिए प्रकृति का धन्यवाद दिया जाता है। यह त्यौहार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

लोहड़ी के रीति-रिवाज

  • लोहड़ी के त्योहार पर, घर-घर जाकर दुल्ला-भाटी के लोहड़ी गीत गाने की परंपरा है। यह प्रथा पंजाब के गांवों में अधिक देखने को मिलती है।
  • बच्चे लोहड़ी के चंदे इकट्ठा करने के लिए घर-घर जाते हैं, और उन्हें खाली हाथ वापस नहीं भेजा जाता। इसलिए, वे गुड़, मूंगफली, तिल, गजक, रेवड़ी आदि दिया गया।
  • लोग रात में खुले मैदान में लकड़ी, गोबर के उपले और घर-घर से इकट्ठा किए गए फसल के अवशेषों का उपयोग करके अलाव जलाते हैं।
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