MP Viral News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। राजगढ़ के एक कारोबारी पति-पत्नी ने गोद ली हुई ढाई साल की बेटी को कथित तौर पर 'मनहूस' मानकर श्योपुर नेशनल हाईवे-552 पर फेंक दिया। कपल को लगता था कि ढाई साल की बच्ची उनके लिए 'अशुभ' है। उसे गोद लेने के बाद कारोबार घाटे में जा रहा है। इसके बाद कपल उसे मनहूस मानकर सुनसान हाईवे पर छोड़कर चले गए।
'न्यूज 18' के मुताबिक, श्योपुर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में मिले इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी कपल आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा को गिरफ्तार कर लिया है।कपल का मानना था कि बच्ची अशुभ है। उसे गोद लेने के बाद उनके कारोबार में नुकसान होने लगा था। उन्हें लगा कि उसे घर से निकाल देने से उनके कारोबार में फिर से खुशहाली आ जाएगी।
यह घटना 19 अप्रैल के आसपास की बताई जा रही है। श्योपुर के सोईकलां इलाके से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-552 पर एक छोटी बच्ची अकेली रोते हुई मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उसकी पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की गई। सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया गया।
परिजनों को ढूंढने के लिए जांच के दौरान मामला सिंपल नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने गहराई से जां-पड़ताल की। इस दौरान जांच में सामने आया कि बच्ची को राजगढ़ के मूंदड़ा कपल ने अपने पास रखा हुआ था। हालांकि, जब उनसे गोद लेने से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए। इससे पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
यात्रा के दौरान छोड़ी बच्ची
पुलिस के मुताबिक, कपल धार्मिक यात्रा पर निकले थे। वे खाटू श्याम एवं मेहंदीपुर बालाजी जा रहे थे। इसी दौरान श्योपुर क्षेत्र में एक सुनसान जगह देखकर उन्होंने बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया और आगे निकल गए। इतनी छोटी उम्र की बच्ची को इस हालत में छोड़ना बेहद गंभीर और अमानवीय कृत्य माना जा रहा है। नुकसान का ठीकरा मासूम पर पूछताछ में यह बात सामने आई कि कपल ने कुछ समय पहले बच्ची को अपने पास रखा था। लेकिन कारोबार में गिरावट आने के बाद उन्होंने अंधविश्वास के चलते उसी बच्ची को अशुभ मान लिया और उसे छोड़ने का फैसला लिया।
आरोपी परिवार करोड़पति कारोबारी हैं। मूंदड़ा परिवार की गिनती राजगढ़ के जाने-माने कारोबारी घरानों में होती है। उनके कई पेट्रोल पंप और अन्य संपत्तियां हैं। उनके पेट्रोल पंप सहित कई अन्य व्यवसाय है। इसके बावजूद इस तरह का कदम उठाया जाना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।
पुलिस को ऐसे मिला सुराग शुरुआत में पुलिस के पास कोई ठोस जानकारी नहीं थी। पुलिस ने पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बच्ची को हाईवे पर छोड़ने की बात स्वीकार कर ली। एक केयरटेकर ने कपल आकाश पर के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरू से ही आकर बच्ची से भेदभाव करता था।
श्योपुर पुलिस ने पेट्रोल पंप कारोबारी आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान, कपल ने कबूल किया कि उन्होंने अंधविश्वास के चलते यह कदम उठाया। ढाई साल की बच्ची श्योपुर में टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे पर सोईकलां के पास लावारिस हालत में मिली। कम उम्र होने के कारण, वह पुलिस को अपना पता या अपने माता-पिता के नाम नहीं बता पाई।
इसके बाद पुलिस ने बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया, जिसके बाद उसे एक 'वन स्टॉप सेंटर' भेज दिया गया। स्थानीय लोगों ने बच्ची की पहचान में मदद के लिए सोशल मीडिया पर एक अभियान चलाया। 'दैनिक भास्कर' से बात करते हुए केयरटेकर बबीता नाविक ने बताया कि भोपाल में एयरपोर्ट रोड पर रहने वाले आकाश और कृतिका ने इस बच्ची को गोद लिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ नियमित रूप से मारपीट की जाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस महिला ने उन्हें फोन किया था, उसने खुद को भोपाल के लालघाटी इलाके का बताया था। तस्वीरें देखने के बाद, भोपाल की रहने वाली बबीता नाविक ने श्योपुर के अधिकारियों से संपर्क किया। उसने खुद को बच्ची की देखभाल करने वाली (केयरटेकर) बताया।