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Nepal Floods: मौत के मुंह से खींच लाई 'चाय की तलब'! नेपाल की तबाही से बचकर लौटे रायपुर के 5 दोस्त, ऐसे टाली मौत

Nepal Floods: इंसान की किस्मत कब, कहां और कैसे उसे मौत के मुंह से खींच लाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। रायपुर के पांच दोस्तों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिनके लिए 'चाय की तलब' जीवनदान बन गई। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और तबाही के मंजर के बीच मौत को मात देकर ये पांचों दोस्त सकुशल रायपुर लौट आए हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 31, 2026 पर 9:06 AM
Nepal Floods: मौत के मुंह से खींच लाई 'चाय की तलब'! नेपाल की तबाही से बचकर लौटे रायपुर के 5 दोस्त, ऐसे टाली मौत
Nepal Floods: नेपाल में तबाही के बीच फरिश्ता बनी 'चाय की तलब'। रायपुर के 5 दोस्तों को मिला दूसरा जीवन (फोटो- AI)

Nepal Floods: पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच रायपुर के पांच दोस्तों की कहानी किसी फिल्मी रोमांच से कम नहीं है। इंसान की किस्मत कब, कहां और कैसे उसे मौत के मुंह से खींच लाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। पांचों दोस्त नेपाल घूमने गए थे। लेकिन वे तबाही के बीच शनिवार दोपहर सकुशल रायपुर लौट आए। उन्होंने बताया कि अगर उस वक्त उन्हें चाय पीने की तलब नहीं लगी होती और वे कुछ देर के लिए होटल में नहीं रुकते, तो शायद वे भी अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ सकते थे। पांचों दोस्त दुर्ग-नवातनवा एक्सप्रेस से रायपुर पहुंचे। नेपाल में आई बाढ़ के भयावह मंजर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे किस तरह मौत के बेहद करीब पहुंच गए थे।

चाय पीने होटल में रुके और बदल गई पूरी कहानी

'दैनिक जागरण' की रिपोर्ट के मुताबिक, दोस्तों ने बताया कि वे धादिंग जिले के मलेखु कस्बे में एक होटल में चाय पीने के लिए रुके थे। सुबह करीब 9:30 बजे वे होटल पहुंचे। चाय पीने में करीब 10 से 15 मिनट लगे। इसी दौरान भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बाढ़ आ गई। उन्होंने बताया कि अगर वे कुछ मिनट पहले ही वहां से निकल गए होते तो शायद बाढ़ के तेज बहाव में फंस जाते। बाढ़ बढ़ने के बाद जब उन्हें पुल पार करने की जानकारी मिली, तो उन्होंने त्रिशूली नदी का ऐसा रौद्र रूप देखा कि उनके होश उड़ गए।

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