
गाजा में लोगों के पास घर नहीं है खाने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं हैं, पहनने के लिए कपड़े नहीं हैं, जो उनका हक है वह भी वे लोग नहीं ले पा रहे हैं। क्या इससे ज्यादा भी कुछ दर्दनाक हो सकता है?
क्या आपने कभी ये सोचा है कि जिन देशों में युद्ध हो रहे हैं वहां मिसाइलें और बम गिरते हैं उस जगह पर रह रहें लोगों और उनके बस्तियों का क्या हाल होता होगा? वहां के बच्चे अपना बचपन भी याद रख पाएंगे या नहीं?
ये तस्वीरें गाजा के उन हालातों का बयां करेंगी जिनके लिए शायद अब आप भगवान से दुआ मांगेगे। गाज़ा के कई इलाकों में यह भी देखा गया है कि लोग सूखी रोटी और पशु आहार जैसा खाना खाने को मजबूर हैं।
पानी की कमी और दवाओं की भारी कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है इन सबके बीच, सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों और राजनीतिक बाधाओं के कारण यह भी पर्याप्त नहीं हो पा रहा है। इसके कारण कुपोषण और भूख से होने वाली मौतों की संख्या हर दिन बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा के लगभग 40 फीसदी बच्चों को कुपोषण का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से उनकी शारीरिक और मानसिक विकास भी प्रभावित हो रहे हैं ।
यहां खाना तो बहुत दूर की बात है पीन तक के लिए पानी नहीं है। कई बिमारियां जैसे डायरिया और हैजा ने बच्चों के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इसके साथ ही पानी की कमी के कारण साफ-सफाई बनाए रखना भी काफी मुश्किल हो गया है, जिससे महामारी का खतरा बढ़ता दिख रहा है।
जानकारी के मुताबिक गाजा में इजरायली सेना के हाल के हमलों में 21 लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।
इन्हें मिलाकर गाजा में अक्टूबर 2023 से अभी तक इजरायली हमलों में मारे गए फलस्तीनियों की संख्या 59 हजार को पार कर गई है।