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Planet parade February 2026: खास होगा फरवरी का आसमान, ग्रहों की परेड के साथ इन दुर्लभ नजारों का भी कर सकेंगे दीदार

Planet parade February 2026: खगोल प्रेमियों के लिए फरवरी का महीना कई सौगातें लेकर आया है। इस महीने की शुरुआत स्नो मून से हुई थी और अभी इसमें रिंग ऑफ फायर और ग्रहों की परेड भी देखने को मिलेगी। आइए जानें इनमें से कौन सी घटना कब होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 7:09 PM
Planet parade February 2026: खास होगा फरवरी का आसमान, ग्रहों की परेड के साथ इन दुर्लभ नजारों का भी कर सकेंगे दीदार
इस महीने 28 फरवरी, शनिवार को ग्रहों की परेड देख सकेंगे।

Planet parade February 2026: फरवरी का महीना शुरू हो चुका है और ये खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास होगा। ये महीना इनके लिए कई दुर्लभ सौगातें लेकर आया है। इस महीने की शुरुआत जहां स्नो मून से हुई थी, वहीं इसमें ‘रिंग ऑफ फायर’ और ग्रहों की परेडा का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलेगा। ग्रहों की परेड में इस साल 6 ग्रह एक साथ रात के आसमान पर नजर आएंगे। इन्हें देखने के लिए आपको बस समय और स्थिति की सही जानकारी होनी जरूरी है। आइए जानें इस महीने में कौन सी घटना खगोलीय कब घटेगी?

2025 में भी 6 ग्रह एक साथ आए थे नजर

2025 की शुरुआत में ग्रहों की परेड देखने को मिली थी। तब मंगल, बृहस्पति, शनि, शुक्र, यूरेनस और नेपच्यून सभी तकनीकी रूप से एक ही रात में क्षितिज के ऊपर थे। फरवरी 2026 में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है, जिसमें मंगल की जगह बुध ने ले ली है।

फरवरी की परेड किस दिन होगी?

खगोलविदों के मुताबिक, इस महीने 28 फरवरी, शनिवार को ग्रहों की परेड देख सकेंगे। सूर्यास्त के तुरंत बाद, छह ग्रह—बुध, शुक्र, शनि, बृहस्पति, यूरेनस और नेपच्यून—सभी शाम के समय एक साथ दिखाई देंगे। हालांकि इस बार इन सभी ग्रहों को साधारण आंखों देख पाना शायद संभव न हो। इनमें से कई ग्रह पश्चिमी क्षितिज पर बहुत नीचे और सूर्य की हल्की रोशनी के करीब होंगे। प्लैनेटरी परेड का यह नजारा अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत में दिखाई देगा। बुध, शुक्र, शनि और बृहस्पति को बिना किसी उपकरण के देखा जा सकता है। वहीं, यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए आसमान का साफ रहना जरूरी होगा।

17 फरवरी को बनेगा ‘रिंग ऑफ फायर’

17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरेगा, उसी समय वलयाकार सूर्यग्रहण लगेगा। चूंकि, इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी से अपने सबसे दूर के बिंदु के पास होगा, इसलिए यह आसमान में थोड़ा छोटा दिखाई देगा और सूर्य की डिस्क को पूरी तरह ढक नहीं पाएगा। ग्रहण के चरम पर चंद्रमा सूर्य के 92% हिस्से को कवर करेगा, जिससे रोशनी का एक घेरा आग के छल्ले की तरह दिखाई देगा। रिंग ऑफ फायर का यह दृश्य 2 मिनट 19 सेकंड होगा।

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