मेघालय हनीमून मर्डर केस में पुलिस की जांच ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या कोई पल भर का गुस्सा नहीं, बल्कि सुनियोजित प्लान था—जिसे उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने महीनों पहले से गुपचुप तैयार किया था। सूत्रों के मुताबिक, सोनम और राज की पहली मुलाकात उनके ऑफिस में हुई थी, जहां दोनों साथ काम करते थे। लेकिन अपने रिश्ते पर शक न हो, इसके लिए राज ने सोनम को "दीदी" कहकर सबके सामने संबोधित करना शुरू कर दिया। ये मासूम लगने वाला संबोधन असल में एक मास्क था—एक ऐसा चेहरा जो उनके रिश्ते की सच्चाई को छिपाने के लिए इस्तेमाल हो रहा था।
दो नंबर, दो SIM कार्ड... और एक खतरनाक प्लान!
पुलिस को जांच में पता चला कि दोनों अपने निजी बातचीत के लिए अलग और गुप्त सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करते थे। उनका उद्देश्य था कि कोई परिवार या ऑफिस में उनके फोन रिकॉर्ड्स न देख पाए, और उनका इश्क और कत्ल की साजिश कॉल डिटेल्स में कभी न दिखे।
11 मई को सोनम और राजा की शादी हुई। 20 मई को दोनों मेघालय हनीमून पर रवाना हुए। और फिर... अचानक दोनों लापता। 2 जून को राजा की लाश एक गहरी खाई में मिली। उसके सिर पर किसी तेज हथियार से हमला किया गया था—संभावित रूप से 'डाओ' (परंपरागत गोरखा मछेटी) से। शव पहचान राजा के दाहिने हाथ पर बने "Raja" टैटू और उसकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच से हुई।
मौके से पुलिस को मिलीं चौंकाने वाली चीजें:
हर कदम की लोकेशन भेज रही थी सोनम!
पुलिस को शक है कि सोनम लगातार अपनी लोकेशन WhatsApp कॉल्स के जरिए राज को भेज रही थी, ताकि वह पूरे घटनाक्रम पर नजर रख सके। एक और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि जब मीडिया में खबरें आईं कि सोनम बांग्लादेश भाग गई है, तब राज ने राहत की सांस ली—क्योंकि उसे लगा कि अब कोई शक नहीं करेगा।
पुलिस के अनुसार, कत्ल में इस्तेमाल हुआ हथियार गुवाहाटी से ऑनलाइन ऑर्डर किया गया "डाओ" था।
9 जून की सुबह, सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। अब वो सलाखों के पीछे है, और उसकी जिंदगी की असली कहानी—प्यार, धोखा और कत्ल—पूरे देश के सामने आ चुकी है। हालांकि, असल पूछताछ अब मेघालय पुलिस करेगी, जो इस पूर केस की जांच कर रही है। इसके लिए राज्य की पुलिस उन्हें शिलांग ले गई है।