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Corporate Failure: ₹12000 करोड़ का एंपायर बिका महज ₹74 में, 'पद्मश्री' बीआर शेट्टी को इस कारण लगा झटका

Corporate Failure: करीब ₹12 हजार करोड़ के एक एंपायर की बिक्री महज ₹74 में हुई। इसने पूरे कॉरपोरेट वर्ल्ड को हिला दिया। जानिए पद्मश्री से सम्मानित बीआर शेट्टी ने यह एंपायर किस तरह से खड़ा किया और आखिर ऐसा क्या हुआ, जो उनका साम्राज्य ढह गया। समझें इस पूरे मामले को, बीआर शेट्टी के फर्श से अर्श और फिर अर्श से फर्श के सफर तक को

Translated By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 12, 2026 पर 2:42 PM
Corporate Failure: ₹12000 करोड़ का एंपायर बिका महज ₹74 में, 'पद्मश्री' बीआर शेट्टी को इस कारण लगा झटका
Corporate Failure: पद्मश्री से संम्मानित बीआर शेट्टी ने एक ऐसा हेल्थकेयर और फाइनेंस साम्राज्य खड़ा किया, जिसकी कीमत अपने चरम पर करीब ₹12 हजार करोड़ थी। लेकिन कुछ ही महीनों में इस साम्राज्य के कुछ हिस्से इतनी बुरी तरह ढह गए कि इसे मात्र ₹74 में बेचना पड़ा।

Corporate Failure: पद्मश्री से संम्मानित बीआर शेट्टी ने एक ऐसा हेल्थकेयर और फाइनेंस साम्राज्य खड़ा किया, जिसकी कीमत अपने चरम पर करीब ₹12 हजार करोड़ थी। लेकिन कुछ ही महीनों में इस साम्राज्य के कुछ हिस्से इतनी बुरी तरह ढह गए कि इसे मात्र ₹74 में बेचना पड़ा। अदालत के फैसलों और फ्रीज की गई संपत्तियों के साथ कॉरपोरेट विफलता का यह एक क्लासिक उदाहरण है। उनकी कंपनी अब भी चल रही लेकिन उसका मालिक बदल चुका है। वहीं शेट्टी अभी भी कानूनी लड़ाइयों में उलझे हुए हैं, उनकी संपत्तियां अब भी फ्रीज़ हैं और कई जांच चल रही हैं।

कैसे पहुंचे शिखर पर?

उडूपी में 1 अगस्त 1942 को जन्मे बीआर शट्टी का जन्म तुलु बोलने वाले एक बंट फैमिली में हुआ था। उन्होंने कन्नड़ मीडियम के एक स्कूल में पढ़ाई की और बाद में मणिपाल से फार्मा की पढ़ाई पूरी की। घर की आर्थिक दिक्कतों के चलते वर्ष 1973 में वह यूएई चले गए।। उस समय यूएई तेजी से उभर रहा था। यूएई पहुंचने पर, शेट्टी ने सबसे पहले एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम किया जो देश के पहले एमआर थे। फिर 1975 में उन्होंने “न्यू मेडिकल सेंटर (NMC)” नाम से एक छोटा क्लीनिक शुरू किया। उस क्लीनिक में सिर्फ उनकी पत्नी चंद्रकुमारी शेट्टी डॉक्टर के तौर पर थीं। धीरे-धीरे एनएमसी सऊदी अरब, ओमान, यूरोप और लैटिन अमेरिका तक फैल गई और यह मल्टी-बिलियन डॉलर हेल्थकेयर ब्रांड बन गया।

हेल्थकेयर के बाहर आकर बीआर शेट्टी ने वर्ष 1980 में प्रवासी वर्कर्स के लिए मनी ट्रांसफर सर्विस यूएई एक्सचेंज शुरू की। वर्ष 2003 में उन्होंने अबू धाबी में नियोफार्मा (Neopharma) नाम से एक फार्मा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाई। फिर 2014 में उन्होंने इंटरनेशनल फॉरेन एक्सचेंज कंपनी ट्रैवेलैक्स (Travelex) को खरीद लिया। ये सभी ब्रांड्स होल्डिंग कंपनी फिनाब्लर (Finablr) के तहत चलने लगे।

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