मानसून के आगमन से जहां हवा में ठंडक और ताजगी का अहसास होता है, वहीं ये मौसम अपने साथ कई छुपी हुई चुनौतियां भी लेकर आता है। खासकर सांपों की सक्रियता इस समय चरम सीमा पर पहुंच जाती है। ये सांप न केवल झाड़ियों और नमी वाले इलाकों में छिपते हैं, बल्कि सुरक्षित जगह की तलाश में अक्सर घरों के आसपास भी दिखने लगते हैं। बारिश के कारण उनका प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है, जिससे वे इंसानी आबादी के करीब आने को मजबूर हो जाते हैं। इस वजह से मानसून में सांपों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं।
