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Viral Post: 'ISRO में इंटर्नशिप, लेकिन स्टाइपेंड नहीं', वायरल पोस्ट पर यूजर्स ने उठाए कई सवाल

सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर ने इसरो की इंटर्नशिप गाइडलाइंस का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें एक नियम पर ध्यान दिलाया गया, जिसमें लिखा था कि प्रोजेक्ट ट्रेनी और इंटर्न को किसी भी तरह का स्टाइपेंड, रेमुनरेशन या फाइनेंशियल असिस्टेंस नहीं दी जाएगी। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Jul 20, 2026 पर 4:28 PM
Viral Post: 'ISRO में इंटर्नशिप, लेकिन स्टाइपेंड नहीं', वायरल पोस्ट पर यूजर्स ने उठाए कई सवाल
इंटर्न और प्रोजेक्ट ट्रेनी को किसी भी तरह का स्टाइपेंड, मानदेय या आर्थिक सहायता नहीं दी जाती

देश के कई इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों का सपना होता है कि उन्हें इसरो (ISRO) में काम करने का मौका मिले। वहीं एक टेक प्रोफेशनल का ISRO की इंटर्नशिप नीति को लेकर किया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट के मुताबिक इसरो में काम करने का अनुभव उतना आदर्श नहीं है, जितना लोग मानते हैं। उन्होंने खासतौर पर इसरो की बिना स्टाइपेंड वाली इंटर्नशिप पर सवाल उठाए और कहा कि ऐसी व्यवस्था टैलेंटेड युवाओं को जोड़ने और लंबे समय तक बनाए रखने में चुनौती पैदा कर सकती है। इस पोस्ट पर लोगों ने तरह-तरह के रिएक्शन दिए हैं।

सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर cneuralnetwork नाम के एक यूजर ने इसरो की इंटर्नशिप गाइडलाइंस का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें एक नियम पर ध्यान दिलाया गया, जिसमें लिखा था कि प्रोजेक्ट ट्रेनी और इंटर्न को किसी भी तरह का स्टाइपेंड/रेमुनरेशन/फाइनेंशियल असिस्टेंस नहीं दी जाएगी। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इसरो की इंटर्नशिप नीति को लेकर चर्चा तेज हो गई।

वायरल हुई पोस्ट

पोस्ट शेयर करने वाले यूजर ने लिखा, "बचपन में मेरा सपना था कि मैं ISRO में काम करूं। लेकिन किसी भी छात्र के लिए ऐसी जगह काम करने का सपना देखना मुश्किल है, जहां काम करने के बदले एक भी रुपया न मिले।" उन्होंने आगे कहा, "आज भी ISRO अपने अंडरग्रेजुएट इंटर्न्स को कोई स्टाइपेंड नहीं देता। इसके अलावा रहने की सुविधा और खाने का भी कोई इंतजाम नहीं किया जाता।" सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

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