भारत नहीं, इस देश में उगते हैं सबसे ज्यादा आलू, आंकड़े देख उड़ जाएंगे होश!

Top potato producing country: आलू हर रसोई का हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा आलू कहां उगते हैं? जवाब जानकर हैरानी होगी क्योंकि वो देश भारत नहीं है। आलू की लोकप्रियता जितनी भारत में है, उससे कहीं ज़्यादा बड़े स्तर पर एक और देश इसका उत्पादन करता है

अपडेटेड Jul 29, 2025 पर 11:29 AM
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Top potato producing country: भारत में भी आलू एक जरूरी फसल है, लेकिन यहां किसान कई समस्याओं से जूझते हैं

आलू ऐसी सब्जी है जो शायद ही किसी भारतीय रसोई से गायब मिलती हो। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, कहीं न कहीं इसका स्वाद जरूर शामिल होता है। हर उम्र के लोग इसे पसंद करते हैं कभी सब्जी में, कभी चाट में, तो कभी चिप्स या पराठे के रूप में। इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि कई लोगों को लगता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा आलू भारत में ही उगाए जाते होंगे। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दुनिया में सबसे ज्यादा आलू उगाने वाला देश कोई और है

जो खेती में तकनीक और बड़े पैमाने पर उत्पादन के मामले में काफी आगे निकल चुका है। आलू की वैश्विक मांग को देखते हुए ये जानना दिलचस्प है कि कौन-सा देश इस प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे है और भारत की रैंकिंग कहां आती है। जवाब आपको हैरान कर सकता है।

चीन


संयुक्त राष्ट्र की FAO (Food and Agriculture Organization) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चीन दुनिया का सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है। साल 2022-23 में चीन ने करीब 90 मिलियन टन यानी 9 करोड़ टन से ज्यादा आलू का उत्पादन किया जो कि पूरी दुनिया के कुल उत्पादन का लगभग 25% है।

भारत की रैंकिंग

भारत इस रेस में दूसरे नंबर पर है। हमारे यहां सालाना 55 मिलियन टन से अधिक आलू उगाया जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे राज्य इसमें सबसे आगे हैं। भारतीय थाली में आलू भले ही VIP हो, लेकिन उत्पादन की रफ्तार में चीन के मुकाबले थोड़ा पीछे है।

क्यों आगे निकला चीन?

बड़ी जमीन और आधुनिक खेत

चीन के पास खेती के लिए विशाल जमीन है। इसके साथ ही वहां स्मार्ट फार्मिंग और मशीन आधारित खेती का इस्तेमाल खूब होता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और मेहनत कम लगती है।

आलू

भारत में आलू को सब्जी माना जाता है, जबकि चीन ने इसे एक "स्टेपल फूड" यानी मुख्य भोजन के तौर पर प्रमोट किया है जैसे हमारे यहां गेहूं या चावल।

प्रोसेसिंग का पावर

चीन में आलू को सिर्फ उगाया नहीं जाता, बल्कि इससे चिप्स, स्टार्च, फ्रेंच फ्राइज और प्रॉसेस्ड आइटम्स बनाए जाते हैं। यहां फैक्ट्रियां और प्रोसेसिंग यूनिट्स बड़े स्तर पर मौजूद हैं, जिससे किसानों को फसल का बेहतर दाम भी मिलता है।

किसानों के लिए फायदे का सौदा बना आलू

चीन में आलू की खेती से लाखों किसान जुड़े हैं। उन्हें सरकार की ओर से बेहतर बीज, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच मिलती है। यही कारण है कि किसान आलू से अच्छी आमदनी भी कर रहे हैं और ये फसल उनकी कमाई का बेहतर विकल्प बन चुकी है।

भारत की चुनौतियां

भारत में भी आलू एक जरूरी फसल है, लेकिन यहां किसान कई समस्याओं से जूझते हैं

कोल्ड स्टोरेज की कमी

प्रोसेसिंग यूनिट्स का अभाव

बाजार तक सीधी पहुंच नहीं

मुनाफा कम, लागत ज्यादा

अगर सरकार किसानों को बेहतर तकनीक, ट्रेनिंग और प्रोसेसिंग सुविधाएं दे, तो भारत भी इस रेस में चीन को पछाड़ सकता है।

क्या भारत बन सकता है आलू का अगला किंग?

विशेषज्ञों की मानें तो अगर भारत सरकार चीन जैसी योजनाएं अपनाए, तो हम 2030 तक दुनिया के सबसे बड़े आलू उत्पादक देश बन सकते हैं।

इसके लिए जरूरी होगा:

नई टेक्नोलोजी और स्मार्ट खेती

प्रोसेसिंग नेटवर्क का विस्तार

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