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क्या सफेद बाल बचा रहे हैं आपको कैंसर से? जापानी रिसर्च ने दुनिया को चौंकाया

सफेद बालों को अक्सर बढ़ती उम्र या तनाव का संकेत माना जाता है, लेकिन नई रिसर्च ने इस धारणा पर नए सवाल खड़े किए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कई बार बालों का सफेद होना शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा भी हो सकता है, जो क्षतिग्रस्त कोशिकाओं से बचाव में मदद करती है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 27, 2026 पर 1:37 PM
क्या सफेद बाल बचा रहे हैं आपको कैंसर से? जापानी रिसर्च ने दुनिया को चौंकाया
यह अध्ययन चूहों पर किया गया था।

सफेद बाल दिखते ही ज्यादातर लोग इसे बढ़ती उम्र या तनाव से जोड़ देते हैं। कई लोग इन्हें छिपाने के लिए हेयर डाई का सहारा भी लेते हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने इस सोच को नया नजरिया दिया है। शोध के अनुसार, बालों का सफेद होना हमेशा सिर्फ उम्र बढ़ने का संकेत नहीं होता, बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया का हिस्सा भी हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर कई बार क्षतिग्रस्त कोशिकाओं से खुद को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे बदलाव करता है, जिनका असर हमारे बालों पर भी दिखाई देता है। यह खोज उम्र बढ़ने और शरीर की सुरक्षा प्रणाली को समझने में नई संभावनाएं खोल सकती है।

बालों का रंग कैसे तय होता है?

हर बाल की जड़ यानी हेयर फॉलिकल में मेलानोसाइट स्टेम सेल्स मौजूद होते हैं। यही कोशिकाएं मेलेनिन बनाती हैं, जिससे बालों को प्राकृतिक रंग मिलता है। समय के साथ धूप, उम्र और अन्य कारणों से इन कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचता रहता है। जब यह नुकसान एक तय सीमा से ज्यादा हो जाता है, तब ये कोशिकाएं आगे बढ़ने या खुद को रोक देने के बीच फैसला करती हैं।

सफेद बाल बन सकते हैं शरीर का 'सेफ्टी मोड'

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