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Wolf Moon January 2026: 3 जनवरी को नए साल का पहला सुपर देखने के लिए हो जाएं तैयार, अगले मौके के लिए करना होगा लंबा इंतजार

Wolf Moon January 2026: नया साल शुरू हो चुका है। लेकिन खगोल वैज्ञानिकों को नए साल का पहला तोहफा 3 जनवरी को चांद निकलने पर मिलेगा। कल इस साल का पहला वोल्फ सुपरमून आसमान में नजर आएगा। आइए जानें इसे कब, कहा और कैसे देख सकेंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 2:47 PM
Wolf Moon January 2026: 3 जनवरी को नए साल का पहला सुपर देखने के लिए हो जाएं तैयार, अगले मौके के लिए करना होगा लंबा इंतजार
3 जनवरी को, पूर्णिमा है और इसी दिन वुल्फ मून उगेगा जो सामान्य से काफी बड़ा और चमकीला होगा।

Wolf Moon January 2026: नया साल खगोल प्रेमियों के लिए एक ऐसा तोहफा लेकर आ रहा है, जो उनके लिए बेहद खास है। ये तोहफा उन्हें 01 जनवरी को तो नहीं मिला है, 2 जनवरी को भी नहीं, लेकिन 3 जनवरी को जरूर मिलेगा। 3 जनवरी को, पूर्णिमा है और इसी दिन वुल्फ मून उगेगा जो सामान्य से काफी बड़ा और चमकीला होगा। खगोलविदों और चांद-तारों में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोगों को खूब पसंद आएगी। आमतौर पर आने वाली पूर्णिमा नहीं है, यह एक सुपरमून है। खास बात ये है कि यह आखिरी सुपरमून होगा, इसके बाद अगला सुपरमून नवंबर 2026 से पहले नहीं देख पाएंगे।

सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा को होता है, ठीक उसी समय जब वह पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिसे खगोलविद पेरिगी कहते हैं। इस समय चंद्रमा बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखाई देता है। वुल्फ मून एक माइक्रोमून की तुलना में लगभग 14% बड़ा और लगभग 30% ज्यादा चमकीला दिखता है। माइक्रोमून तब होता है जब चंद्रमा सबसे दूर होता है।

वोल्फ सुपरमून कब?

3 जनवरी की सुबह, लगभग 5 बजे चंद्रमा सबसे ज्सादा चमकीला होता है। अगर मौसम साथ देता है, तो चंद्रमा 2 जनवरी की शाम से लेकर पूरी रात और सुबह तक बड़ा और चमकीला होगा। चंद्रमा अक्सर उगने या डूबने के समय सबसे बड़ा दिखता है। इस प्रभाव को मून इल्यूजन के नाम से जाना जाता है, जो हमारे दिमाग को यह सोचने पर मजबूर करता है कि चंद्रमा जितना है उससे बड़ा दिख रहा है। चांद जैसे-जैसे ऊपर चढ़ता है, उसका रंग फीका पड़कर ज्यादा चमकदार, साफ और सफेद हो जाता है।

और भी खास होगी 3 जनवरी की रात

3 जनवरी को बृहस्पति धरती के काफी करीब चमकेगा, ओरियन सर्दियों के आसमान में आसानी से दिखेगा, और शनि चंद्रमा के उगने के समय दक्षिण-पश्चिम में नीचे रहेगा। इन सबके अलावा, क्वाड्रेंटिड उल्का बौछार भी लगभग उसी समय चरम पर होगी। हालांकि, चांदनी की वजह से कुछ हल्की उल्काएं छिप सकती हैं, लेकिन क्वाड्रेंटिड्स अपने तेज फायरबॉल के लिए जाने जाते हैं।

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