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नए साल में इस देश ने जारी किया 'टेस्ट नहीं तो शादी नहीं' का शाही फरमान, शादी से पहले मेडिकल टेस्ट कराना हुआ अनिवार्य

ओमान ने शादी से पहले मेडिकल टेस्ट कराने को कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया है। इस दिन में शादी करने वाले जोड़ों की शादी को तभी कानूनी मान्यता मिलेगी, जब वो अपनी मेडिकल जांच कराएंगे। इसके लिए शाही आदेश भी जारी कर दिया गया है। आइए जानें इसके बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 03, 2026 पर 6:39 PM
नए साल में इस देश ने जारी किया 'टेस्ट नहीं तो शादी नहीं' का शाही फरमान, शादी से पहले मेडिकल टेस्ट कराना हुआ अनिवार्य
ओमान में शादी करने वाले सभी जोड़ों को शादी से पहले चिकित्सा जांच करानी होगी।

शादी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला होता है। यह फैसला हर पैमाने पर सही उतरे इसके लिए पश्चिम एशियाई देश ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में शादी करने वाले जोड़ों के लिए शादी से पहले मेडिकल जांच अनिवार्य करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था पहले वैकल्पिक तौर पर थी, जिसे शाही फरमान जारी कर कानून बना दिया गया है। इतना ही नहीं, इस कानून का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि, इस कानून का मकसद सिर्फ जांच को अनिवार्य बनाना है और जोड़ों के शादी के फैसले में कोई दखल नहीं होगा।

ओमान में शादी करने वाले सभी जोड़ों को शादी से पहले चिकित्सा जांच करानी होगी। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शादी करने की इच्छा रखने वाले जोड़ों को विवाह का कॉन्ट्रैक्ट फाइल करने से पहले मेडिकल जांच पूरी करनी होगी और इसका सर्टिफिकेट भी लेना होगा। इसके बिना उनकी शादी वैध नहीं मानी जाएगी। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार, यह कानून उन जोड़ों पर भी लागू होगा जिनमें एक पक्ष गैर ओमानी हो। इतना ही नहीं, ओमानी नागरिक अगर देश से बाहर जाकर शादी करते हैं, तब भी ये नियम लागू रहेगा।

खाड़ी देश ओमान में नया साल शुरू होने के साथ ही यह नियम कानून बन चुका है। सुल्तान हैथम बिन तारिक द्वारा शाही आदेश संख्या 111/2025 जारी करने के बाद यह लागू हो चुका है। इसके अनुसार, जांच पूरी करना शादी के कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने के लिए एक बुनियादी शर्त होगी। खलीज टाइम्स के अनुसार, उल्लंघन करने वालों को कम से कम दस दिन और अधिकतम छह महीने की कैद और/या 1,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

कानून का मकसद गंभीर बीमारियों को बढ़ने से रोकना

ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस जांच का उद्देश्य वंशानुगत रक्त विकारों - विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया - के वाहकों का पता लगाना है, साथ ही स्क्रीनिंग में शामिल संक्रमणों, जैसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी/एड्स का भी पता लगाना है। मंत्रालय ने कहा कि समाज में आनुवंशिक, वंशानुगत और संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों के हिस्से के रूप में शादी से पहले मेडिकल जांच अनिवार्य की गई है।

यह कदम अब क्यों उठाया गया है?

ओमान में 1999 से शादी से पहले की स्क्रीनिंग वैकल्पिक थी। लेकिन 2025 में सिर्फ 42% लोगों ने यह विकल्प लिया। इसी वजह से स्वास्थ्य मंत्रालय ने परिवार के स्वास्थ्य को मजबूत करने और समाज को इन बीमारियों से बचाने के लिए इसे अनिवार्य बनाने का फैसला किया।

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