Trump On Iran: ईरान में बढ़ती महंगाई और राजनीतिक दमन के खिलाफ चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर खलबली मचा दी है। मंगलवार को ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 'मदद आ रही है' और ईरान में रह रहे अमेरिकियों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। उनके इस बयान ने मध्य-पूर्व में अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप की संभावनाओं को हवा दे दी है।
'जल्द पता चल जाएगा'– ट्रंप की बड़ी चेतावनी
जब पत्रकारों ने ट्रंप से उनके सोशल मीडिया पोस्ट का मतलब पूछा, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में जवाब देते हुए कहा, 'जल्द पता चल जाएगा'। ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह सैन्य सहायता की बात कर रहे हैं या आर्थिक प्रतिबंधों की, लेकिन उनके लहजे ने बड़े एक्शन का संकेत दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'अमेरिकियों के लिए ईरान छोड़ देना ही एक अच्छा विचार है,' जिसे संभावित सैन्य टकराव से पहले की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही ट्रंप ने घोषणा की कि जब तक प्रदर्शनकारियों की 'बिना किसी वजह के हत्या' नहीं रुकती, वह ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर चुके हैं।
25% टैरिफ का किया था ऐलान
ट्रंप ने ईरान को अलग-थलग करने के लिए एक अभूतपूर्व आर्थिक हथियार का इस्तेमाल किया है। उन्होंने घोषणा की कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25% अतिरिक्त आयात शुल्क चुकाना होगा। इस आदेश का सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जो ईरान से तेल खरीदते हैं, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
ईरान में धधक रही है विद्रोह की आग
ईरान में पिछले तीन हफ्तों से चल रहे प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े विद्रोह में बदल चुके है। रॉयटर्स के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों सहित लगभग 2,000 लोग इन प्रदर्शनों में मारे जा चुके हैं। ईरानी सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट और सामूहिक गिरफ्तारियों के जरिए प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश की है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखें - अपने संस्थानों पर कब्जा करें, मदद आ रही है!!!'
हालांकि तनाव चरम पर है, लेकिन पर्दे के पीछे बातचीत के संकेत भी मिले है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने बताया कि वे अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के संपर्क में हैं और अमेरिका द्वारा प्रस्तावित विचारों का अध्ययन कर रहे हैं। व्हाइट हाउस पहले ही कह चुका है कि ईरान को दंडित करने के लिए 'सैन्य कार्रवाई' का विकल्प अभी भी मेज पर है।