शुक्रवार को ट्रंप सरकार ने सभी अमेरिकी एजेंसियों को Anthropic की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग बंद करने का आदेश दिया और अन्य कड़ी कार्रवाई भी की। इससे सरकार और कंपनी के बीच AI सुरक्षा को लेकर चल रहा विवाद और बढ़ गया।
शुक्रवार को ट्रंप सरकार ने सभी अमेरिकी एजेंसियों को Anthropic की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग बंद करने का आदेश दिया और अन्य कड़ी कार्रवाई भी की। इससे सरकार और कंपनी के बीच AI सुरक्षा को लेकर चल रहा विवाद और बढ़ गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और अन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर Anthropic की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी ने शुक्रवार की समय सीमा तक सेना को अपनी AI तकनीक का बिना किसी रोक-टोक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कंपनी पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया, क्योंकि कंपनी के सीईओ डारियो अमोदेई ने चिंता जताई थी कि उनकी AI तकनीक का गलत तरीके से इस्तेमाल हो सकता है, जो कंपनी के सुरक्षा नियमों के खिलाफ होगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, "हमें इसकी जरूरत नहीं है, हम इसे नहीं चाहते हैं, और हम इनके साथ फिर कभी व्यापार नहीं करेंगे!"
अमेरिकी रक्षा मंत्री लिया एक्शन
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंपनी को "सप्लाई चेन रिस्क" भी घोषित किया, इसका मतलब यह है कि सेना से जुड़े किसी भी ठेके में एंथ्रोपिक की तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब किसी अमेरिकी टेक कंपनी को इस तरह का टैग दिया जाएगा।
शुक्रवार शाम को जारी एक बयान में, एंथ्रोपिक ने कहा कि वह इस गलत कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती देगा, जो "पहले कभी किसी अमेरिकी कंपनी पर सार्वजनिक रूप से लागू नहीं की गई।"
एन्थ्रोपिक ने कहा था कि उसने पेंटागन से यह आश्वासन मांगा था कि उसके AI चैटबॉट क्लाउड का इस्तेमाल अमेरिकियों पर बड़े पैमाने पर नजर रखने या पूरी तरह ऑटोमेटिक हथियार बनाने के लिए नहीं किया जाएगा। पेंटागन ने कहा कि उसे ऐसे इस्तेमाल में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह इस तकनीक को केवल कानूनी तरीकों से ही उपयोग करेगा, लेकिन उसने यह भी साफ किया कि वह तकनीक का इस्तेमाल बिना किसी शर्त के पूरी करना चाहता है।
AI अभी इतनी भरोसेमंद नहीं
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि हम उस ऑटोमेटकि हथियार के खिलाफ हैं जो बिना इंसान के खुद फैसले लेकर हमला कर सकें। उन्होंने कहा कि अभी AI इतनी भरोसेमंद नहीं है कि उसे बिना इंसान की निगरानी के किसी पर हमला करने या टारगेट तय करने के काम में लगाया जाए। उनका कहना है कि अगर ऐसा किया गया तो गलत फैसले हो सकते हैं और इससे सैनिकों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
एंथ्रोपिक ने गलती की
ट्रम्प ने कहा कि पेंटागन पर दबाव बनाने की कोशिश में एंथ्रोपिक ने गलती की है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अधिकांश एजेंसियों को एंथ्रोपिक की एआई का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए, लेकिन उन्होंने पेंटागन को सैन्य प्लेटफार्मों में पहले से ही मौजूद इस तकनीक को तरीके से हटाने के लिए छह महीने का समय दिया है।
उन्होंने बड़े अक्षरों में लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका कभी भी किसी कट्टरपंथी, ‘वोक’ कंपनी को यह तय करने की अनुमति नहीं देगा कि हमारी महान सेना कैसे लड़ती है और युद्ध जीतती है!"
बता दें कि सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय सुरक्षा में AI की भूमिका को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। बढ़ती ताकत वाली AI मशीनों के इस्तेमाल को लेकर चिंता है कि कहीं इन्हें घातक हथियारों, संवेदनशील जानकारी या सरकारी निगरानी जैसे गंभीर मामलों में गलत तरीके से इस्तेमाल न किया जाए।
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