ब्रिटेन और चार अन्य देशों ने रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इन देशों ने सीधे तौर पर रूस को नवलनी की हत्या का जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया है कि उन्हें एक दुर्लभ और खतरनाक जहर देकर मारा गया था। ब्रिटेन समेत पांच देशों के विदेश मंत्रालयों ने पुष्टि की है कि नवलनी के शरीर में 'Epibatidine' नाम का जहर पाया गया है। यह जहर दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले एक खास किस्म के जहरीले मेंढक (Poison Dart Frog) से निकाला जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहर रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता, जिसका मतलब है कि इसे बाहर से लाकर नवलनी को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हुआ 'मर्डर'
नवलनी की पत्नी, यूलिया नवलनाया ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान कहा कि उनके पति की मौत अब केवल एक आरोप नहीं, बल्कि "वैज्ञानिक रूप से साबित हुआ तथ्य" भी है। उन्होंने बताया कि तस्करी के जरिए बाहर भेजे गए नवलनी के बायोलॉजिकल सैंपल की लैब जांच में जहर की पुष्टि हुई है। यूलिया ने इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में रूस की शिकायत
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि रूसी सरकार ने नवलनी की आवाज को दबाने के लिए इस बर्बर साजिश को अंजाम दिया। इन पांचों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि रूस के पास इस जहर को इस्तेमाल करने का साधन, मकसद और अवसर तीनों थे। अब ये देश रूस के खिलाफ 'रासायनिक हथियार निषेध संगठन' (OPCW) में शिकायत दर्ज कराएंगे, क्योंकि यह रासायनिक हथियार संधि का उल्लंघन है।
नवलनी: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बुलंद आवाज
एलेक्सी नवलनी रूस के सबसे प्रमुख भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता थे। उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन और उनके करीबी लोगों की अवैध संपत्ति का खुलासा किया था और पूरे रूस में सरकार विरोधी प्रदर्शन आयोजित किए थे। इससे पहले 2020 में भी उन्हें 'नोविचोक' नाम का जहर दिया गया था, जिसके बाद वे इलाज के लिए जर्मनी गए थे। 2024 में एक आर्कटिक जेल में उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे रूस अब तक सामान्य मौत बताता रहा है।