Bomb In Trump Tower: मिडल-ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद उपजे तनाव के बीच, न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टावर में एक 'संदिग्ध पैकेट' मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार दोपहर हुई इस घटना को राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में एक बड़ी चूक और उन्हें निशाना बनाने की संभावित साजिश के एंगल से देखा जा रहा है, क्योंकि ईरान पहले ही ट्रंप से बदला लेने की खुली धमकी दे चुका है।
ट्रंप टावर के मेलरूम में मिला संदिग्ध पैकेट
न्यूयॉर्क के मिडटाउन मैनहट्टन के 725 फिफ्थ एवेन्यू में स्थित ट्रंप टावर में सोमवार शाम करीब 4:20 बजे सुरक्षा एजेंसियां उस वक्त अलर्ट हो गईं, जब सीक्रेट सर्विस को मेलरूम में एक लावारिस और संदिग्ध पैकेट मिला। सूचना मिलते ही NYPD बम स्क्वाड और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने पूरे इलाके को घेर लिया। विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पैकेट की जांच की। हालांकि, शाम 6 बजे तक अधिकारियों ने इसे 'सुरक्षित' घोषित कर दिया और बताया कि इसमें कोई विस्फोटक नहीं था। लेकिन, युद्ध के माहौल में इस तरह के पैकेट का मिलना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
ईरान की धमकी और ट्रंप की सुरक्षा पर खतरा
विशेषज्ञ इस घटना को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे 'महायुद्ध' से जोड़कर देख रहे हैं। ईरान ने हाल ही में अपने सर्वोच्च नेता की मौत के लिए सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी कमांडरों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे ट्रंप और उनके सहयोगियों को नहीं छोड़ेंगे। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से बौखलाया ईरान अब अमेरिका की धरती पर सीधे राष्ट्रपति या उनके ठिकानों को 'लोन वुल्फ' या 'मेल बम' के जरिए निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है।
दुनिया भर में अमेरिकी ठिकानों पर 'हाई अलर्ट'
ट्रंप टावर में मचे इस बवाल के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में अपने नागरिकों और दूतावासों के लिए इमरजेंसी वार्निंग जारी की है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को सऊदी अरब, यूएई और कतर सहित 15 देशों से तुरंत निकलने को कहा है। जॉर्डन के अम्मान में अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों ने 'खतरे' की रिपोर्ट मिलने के बाद परिसर खाली कर दिया है।