मंगलवार को म्यांमार में 6 तीव्रता का भूकंप आया। इसके तेज़ झटके कोलकाता और बांग्लादेश के कई इलाकों में भी महसूस किए गए। EMSC के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के अकयाब शहर से करीब 70 मील पूर्व में था। भूकंप के कारण पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हलचल महसूस हुई, जिसमें कोलकाता भी शामिल है। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया था।
EMSC के अनुसार, पिछले 71 घंटों में म्यांमार में यह तीसरा भूकंप दर्ज किया गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। यह भूकंप बांग्लादेश में भी महसूस किया गया और यह 24 घंटे से कम समय में वहां महसूस किया गया दूसरा भूकंप था। इससे पहले मंगलवार को बांग्लादेश में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी।
NCS के मुताबिक, यह भूकंप करीब 150 किलोमीटर की गहराई पर आया था। विशेषज्ञों का कहना है कि धरती पर हर 30 सेकंड में कहीं न कहीं भूकंप आता है, लेकिन ज़्यादातर इतने हल्के होते हैं कि उनका पता नहीं चल पाता। डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, 4.0 तीव्रता का भूकंप लगभग 6 टन TNT विस्फोट जितनी ऊर्जा छोड़ता है। लेकिन क्योंकि रिक्टर स्केल लॉगरिदमिक होता है, इसलिए तीव्रता बढ़ने पर ऊर्जा बहुत तेज़ी से बढ़ती है।
पिछले साल आया था भीषण भूकंप
पिछले साल मार्च में म्यांमार में एक बहुत ही भयानक भूकंप आया था। इस भूकंप की तीव्रता 7.7 थी, जिससे ऊंची इमारतों समेत कई भवन गिर गए थे। भूकंप के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी और देश के कई हिस्सों में पुल और सड़कें बुरी तरह टूट गई थीं। इस भूकंप का केंद्र सागाइंग शहर के पास था। सागाइंग के साथ-साथ मांडले भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था। मांडले म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जहां 17 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। उस समय सरकारी मीडिया ने बताया था कि इस भूकंप में करीब 3,500 लोगों की मौत हुई थी।