Bangladesh: अत्याचार की सीमा पार....बांग्लादेश में बीते 24 घंटे में दो हिन्दुओं की बेरहमी से हत्या

Bangladesh : सोमवार रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके नरसिंगदी में एक हिंदू व्यक्ति की तेज हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक एक किराना दुकान के मालिक थे। परिवार के लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि शरत चक्रवर्ती का किसी से कोई झगड़ा नहीं था और न ही उनकी किसी से दुश्मनी थी। वे शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी सामान्य रूप से जी रहे थे

अपडेटेड Jan 06, 2026 पर 2:31 PM
Story continues below Advertisement
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।

Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां, बीते 24 घंटे में दो हिन्दुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सोमवार रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके नरसिंगदी में एक और हिंदू व्यक्ति की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक एक किराना दुकान चलाते थे। परिवार वालों और पड़ोसियों के मुताबिक, शरत चक्रवर्ती का किसी के साथ कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। सभी का कहना है कि वे एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी विवाद में नहीं पड़े थे।

इस घटना की पुष्टि नरसिंगदी जिले के पुलिस अधीक्षक अब्दुल्ला अल फारूक ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए की। उन्होंने बताया कि पलाश उपजिला के निवासी मणि चक्रवर्ती सोमवार रात करीब 9 बजे के बाद अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे अपने घर के सामने पहुंचे, हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, अभी तक हत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है। पुलिस संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

हिन्दू पत्रकार की भी हत्या

शरत चक्रवर्ती की हत्या उसी दिन हुई, जिस दिन एक हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की भी हत्या कर दी गई थी। उन्हें जेसोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शरत नरसिंगदी के पलाश उपजिला क्षेत्र के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराना दुकान पर मौजूद थे। तभी अचानक अज्ञात हमलावरों ने तेज हथियार से उन पर हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

फेसबुक पर लिखा था ये पोस्ट


शरत के परिवार में उनकी पत्नी अंतरा मुखर्जी और 12 साल का बेटा अभिक चक्रवर्ती है। बताया जाता है कि शरत कुछ साल पहले तक दक्षिण कोरिया में काम कर रहे थे और बाद में बांग्लादेश लौट आए थे। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शरत बहुत ही सादा और शांत जीवन जीते थे। उनका किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं था। हाल के दिनों में वे बांग्लादेश में चल रही हालात को लेकर चिंतित भी थे। 19 दिसंबर को उन्होंने फेसबुक पर बांग्ला भाषा में एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मौत की घाटी में इतनी आग, इतनी हिंसा… मेरा वतन।”

बीते 24 घंटे में दो लोगों की हत्या

एक पड़ोसी ने बताया कि शरत चक्रवर्ती मणि बहुत ही शांत, संवेदनशील और समाज की जिम्मेदारी समझने वाले इंसान थे। उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था और न ही कोई दुश्मनी। पड़ोसी का कहना है कि शरत जैसे सीधे-सादे व्यक्ति की हत्या की कोई निजी वजह नहीं दिखती। उनके मुताबिक, इसकी एक ही वजह हो सकती है कि वह हिंदू थे। यह बात स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कही गई है।

इस हत्या पर जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में एक हिंदू का खून अभी सूखा भी नहीं था कि दूसरे हिंदू की हत्या कर दी गई।

बप्पादित्य बसु पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की हत्या की ओर इशारा कर रहे थे, जिनकी मौत शरत चक्रवर्ती की हत्या से कुछ घंटे पहले ही हो गई थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।