बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ वरिष्ठ नेता निताई रॉय चौधरी को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता हैं और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय का एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। 50 सदस्यों वाले मंत्रिमंडल में उनका शामिल होना अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह जातीय संसद भवन (जतिया संसद भवन) के साउथ प्लाजा में हुआ। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई। तारिक रहमान ने उसी दिन पहले प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिससे करीब दो दशक बाद BNP की सत्ता में वापसी हुई।
निताई रॉय चौधरी एक अनुभवी राजनेता और वकील हैं। उनका जन्म 7 जनवरी 1949 को मगुरा जिले के मोहम्मदपुर क्षेत्र के हाटबारिया गांव में हुआ था। उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और बाद में वकालत के पेशे में आए।
छात्र जीवन में उन्होंने छात्र यूनियन से राजनीति की शुरुआत की। 1988 में वे मगुरा-2 सीट से सांसद चुने गए। उस दौरान वे जिला परिषद के चेयरमैन रहे और शिक्षा, युवा एवं खेल और कानून मंत्रालय में राज्य मंत्री जैसे पद संभाले।
बाद में वे BNP में शामिल हुए और पार्टी के वरिष्ठ नेता बने। वे पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य और शीर्ष नेतृत्व के सलाहकार माने जाते हैं।
हाल के 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 सीट से 1,47,896 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। वे उन चार अल्पसंख्यक उम्मीदवारों में शामिल थे जो चुनाव जीते, जिनमें दो हिंदू नेता थे। बांग्लादेश की लगभग 17 करोड़ आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत है।
अल्पसंख्यकों तक पहुंच का संकेत
निताई रॉय चौधरी को कैबिनेट में शामिल किया जाना BNP सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समुदायों तक पहुंच बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। नई सरकार अब पांच साल के कार्यकाल की शुरुआत कर चुकी है और आने वाले समय में उसकी नीतियों पर सबकी नजर रहेगी।
हाल ही में हुए आम चुनाव में BNP को स्पष्ट बहुमत मिला। पार्टी ने 300 सदस्यीय संसद में 209 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगियों ने 3 सीटें हासिल कीं। ये चुनाव 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद पहली बार कराए गए थे।
तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल के निर्वासन के बाद वे देश लौटे और BNP को जीत दिलाई। नई कैबिनेट में 25 मंत्री, 24 राज्य मंत्री और 3 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समारोह में भाग लिया, जिससे नई सरकार के साथ कूटनीतिक संपर्क का संकेत मिला।