बांग्लादेश में 'बेगमों की जंग' का अंत: तारिक रहमान ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, 35 साल बाद किसी पुरुष के हाथ में देश की कमान

Tarique Rahman Oath Taking: ढाका के 'जातीय संसद भवन' के साउथ प्लाजा में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण से पहले ही बीएनपी (BNP) संसदीय दल ने उन्हें अपना नेता चुन लिया था

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 5:34 PM
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Bangladesh New PM oath: तारिक रहमान ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, 35 साल बाद किसी पुरुष के हाथ में देश की कमान

पड़ोसी देश बांग्लादेश में मंगलवार को एक नए युग की शुरुआत हुई। 17 साल का वनवास काटकर लौटे तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। यह पल बांग्लादेश के इतिहास के लिए बेहद खास है, क्योंकि दशकों बाद वहां की राजनीति से 'बेगमों' (शेख हसीना और खालिदा जिया) का दबदबा खत्म हुआ है।

ढाका के 'जातीय संसद भवन' के साउथ प्लाजा में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण से पहले ही बीएनपी (BNP) संसदीय दल ने उन्हें अपना नेता चुन लिया था।

35 साल बाद मिला 'पुरुष प्रधानमंत्री'


बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में यह एक बड़ा बदलाव है। पिछले 35 सालों से बांग्लादेश की सत्ता या तो शेख हसीना के पास थी या तारिक रहमान की मां खालिदा जिया के पास। तारिक रहमान 35 साल में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बने हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं।

भारत की ओर से ओम बिरला हुए शामिल

शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जो खिंचाव आया था, उसे कम करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल हुए। यह संकेत है कि नई दिल्ली नई सरकार के साथ मजबूत रिश्ते बनाने के लिए तैयार है।

चुनाव में मिली 'बंपर' जीत

12 फरवरी को हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने एकतरफा जीत हासिल की है।

कुल 300 सीटों वाली संसद में BNP ने अकेले 151 से ज्यादा सीटें जीतीं। बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 212 सीटों पर कब्जा जमाया। तारिक रहमान अब अगले 5 साल तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करेंगे।

तारिक रहमान की नई कैबिनेट: प्रमुख चेहरे और उनके मंत्रालय

तारिक रहमान की नई कैबिनेट में 25 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों और अल्पसंख्यक समुदाय को भी जगह दी गई है।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपनी कैबिनेट में संतुलन बनाने की कोशिश की है। यहां कुछ महत्वपूर्ण नाम और उनके संभावित विभाग दिए गए हैं:

  • मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर: BNP के महासचिव, जिन्हें स्थानीय सरकार या कोई दूसरा बड़ा मंत्रालय मिलने की चर्चा है।
  • अमीर खसरू महमूद चौधरी: पूर्व वाणिज्य मंत्री, जिन्हें एक बार फिर वाणिज्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
  • सलाहुद्दीन अहमद: इनके नाम की चर्चा गृह मंत्रालय के लिए सबसे ज्यादा है।
  • डॉ. रजा किबरिया: IMF के पूर्व अर्थशास्त्री, जिन्हें वित्त मंत्रालय सौंपा जा सकता है।
  • हुमायूं कबीर: पार्टी के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालने वाले कबीर को विदेश मंत्रालय मिलने की संभावना है।
  • मोहम्मद असदुज्जमान: पूर्व अटॉर्नी जनरल, जिन्हें विधि/कानून मंत्रालय दिया जा सकता है।

अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व

तारिक रहमान ने अपनी कैबिनेट में विविधता का संदेश देने के लिए दो प्रमुख अल्पसंख्यक नेताओं को भी शामिल किया है:

  • निताई रॉय चौधरी: हिंदू समुदाय के प्रमुख नेता और सीनियर वकील, जिन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
  • दीपेन दीवान: बौद्ध चकमा समुदाय से आने वाले दीवान को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिली है।

तारिक रहमान ने साफ किया है कि उनकी नई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून व्यवस्था को बहाल करना और देश में संवैधानिक सुधार करना होगी।

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